बंदरों के लिए स्वीमिंग पूल बना ताजमहल:गर्मी में फाउंटेन में नहा रहे, बाहर सांडों की लड़ाई में टूटा आरओ प्लांट

आगरा2 महीने पहले

ताजमहल पर आवारा जानवरों के कारण पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को ताजमहल के फाउंटेन को बंदरों ने स्विमिंग पूल की तरह इस्तेमाल किया। ताजमहल के गेट पर आवारा सांडों की लड़ाई में आरओ क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही की लड़ाई के वक्त ताजमहल बन्द हो चुका था और कोई पर्यटक मौजूद नहीं था।

ताजमहल पर बंदर, कुत्ते, मधुमक्खियां और आवारा सांडों का आतंक चरम पर है। जिम्मेदार इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। बीती देर शाम ताजमहल के पूर्वी गेट पर दो आवारा सांड आपस मे भिड़ गए। दोनों की लड़ाई में गेट पर लगा पानी का आरओ क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि ताजमहल बंद हो चुका था और वहां भीड़ नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पूरे मामले को वहां से गुजर रहे युवक ने मोबाइल में कैद कर लिया।

ताजमहल बना बंदरों का स्विमिंग पूल

ताजमहल पर पानी के नलों पर मधुमक्खियों के चलते परेशानी होती है। बाहर और अंदर दोनों ही जगह आवारा कुत्ते भी पर्यटकों को परेशान करते हैं। बाहर आवारा गाय और सांड के बार पर्यटकों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। परिसर में बंदरों के जबरदस्त आतंक है। सोमवार को ताजमहल के अंदर का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दर्जनों बंदर ताजमहल के फाउंटेन के अंदर डुबकियां लगा रहे हैं। इससे पूर्व नलों पर बंदरों के पहरे का वीडियो सामने आ चुका है।

मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग की है। बंदर पकड़ कर जंगल मे छोड़ना वन विभाग का काम है और आवारा कुत्तों, गाय और सांड को पकड़ना नगर निगम की जिम्मेदारी है। तीनों ही विभागों का पर्यटकों की सुविधा की ओर ध्यान नहीं है।

कम नहीं हो रहा बंदरों का आतंक
ताजमहल समेत पूरे आगरा में बंदरों का आतंक है। पूर्व में दो करोड़ खर्च कर प्रशासन ने आगरा में बंदरों को पकड़ कर उनकी नसबंदी शुरू की थी। कई जगह पिंजरे लगाए गए थे पर बाद में यह योजना खत्म हो गयी। आगरा में बंदरों की संख्या में दस वर्षों में तीन गुना इजाफा हुआ है। इसके बावजूद तमाम पशु प्रेमी संस्थाओं के विरोध के चलते इसका कोई उचित उपाय नहीं है।