आगरा....ताजमहल पर लपकों का आतंक:खुलेआम ब्लैक कर रहे टिकट, पार्किंग के नाम पर वसूली, टिकट विंडो खुलने से नहीं हुआ असर

आगराएक वर्ष पहले
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ताजमहल पश्चिमी गेट पर टिकट ब्लैक करता लपका कैमरे में कैद हुआ - Dainik Bhaskar
ताजमहल पश्चिमी गेट पर टिकट ब्लैक करता लपका कैमरे में कैद हुआ

दुनिया के सातवें अजूबे शाहजहां मुमताज के प्यार की निशानी ताजमहल पर लपकों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस की शह पर ताजमहल के दोनों गेटों पर टिकटों की खुलेआम ब्लैक की जा रही है और सड़कों पर वाहनों को खड़ा कर उनसे मनमानी पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। ताजमहल पर भारतीय पर्यटकों से 50 रुपये के टिकक्त की जगह 60 से 70 रुपये और विदेशियों से प्रति टिकट 300 से 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यह हाल तब है जब एसपी सिटी विकास कुमार ने ताज सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को लपकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

ताजमहल पश्चिमी गेट पर ब्लैक में टिकट बेचता लपका
ताजमहल पश्चिमी गेट पर ब्लैक में टिकट बेचता लपका

बता दें की ताजमहल पर लपकों की मौजूदगी कोई नई नहीं है। ताजमहल के दोनों गेटों पर अन अप्रूवड गाइड से लेकर तरह तरह के सामान बेचने वाले और शोरूमों के सेल्समैनों को पर्यटकों को रोककर उन्हें ठगने के प्रयास किये जाते रहे हैं। कोविड काल में सख्ती के बाद कुछ दिन तक इन पर अंकुश लगाया गया था पर पर्यटकों की लिमिट खत्म होने के बाद एक बार फिर लपकों ने आतंक फैला दिया है। ताजमहल की टिकट विंडो के आस पास खुलेआम लपके पर्यटकों को टिकट ब्लैक कर रहे हैं और सड़क पर गाड़ी खड़ी करवा कर उनसे मोटा पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। लपकों की यह कारगुजारी हमारे कैमरे में कैद हो गयी है पर वहां मौजूद ताज सुरक्षा पुलिस को लपके दिखाई नहीं दे रहे हैं। पश्चिमी गेट पर सड़क किनारे तमाम लोग दुकानें लगा रहे हैं और पर्यटकों को मोटा मुनाफा लेकर ज्वैलरी , आर्टिफिशल ताजमहल और कीरिंग आदि समान बेच रहे हैं। बता दें की इस तरह पर्यटकों को ठगने वालों को स्थानीय भाषा में ' लपका ' कहा जाता है।

पार्किंग के नाम पर वसूली
पार्किंग के नाम पर वसूली

पर्यटकों के लिए खोली गई ऑफलाइन टिकट विंडो

कोरोना काल में सिर्फ ऑनलाइन टिकट मिल रही थी और ताजमहल के दोनों गेटों पर सुरक्षा कारणों से जैमर के चलते पर्यटकों को टिकट लेने में परेशानी हो रही थी। पुरातत्व विभाग को काफी समय से शिकायतें मिल रही थी। इस कमी को दूर करने के उद्देश्य से पुरातत्व विभाग ने 1 दिसम्बर से सभी स्मारकों पर ऑफलाइन टिकट विंडो दोबारा खोलने के निर्देश दिए हैं और ताजमहल के दोनों गेटों पर 27 नवम्बर से ऑफलाइन टिकट के लिए एक - टिकट विंडो रीओपन की गयी थी। इसके अलावा शिल्पग्राम पर भी एक क्यूआरकोड स्टैंडी लगाई गई थी, ताकि पर्यटकों को परेशानी न हो।

ताजमहल पश्चिमी गेट टिकट विंडो पर भीड़
ताजमहल पश्चिमी गेट टिकट विंडो पर भीड़

टिकट विंडो खुलने से भी नहीं हुआ फायदा

स्थानीय निवासी साहिल खान ने बताया की ताजमहल पर दोनों गेटों पर नेटवर्क की परेशानी रहती है और एक टिकट विंडो पर इतनी भीड़ हो जाती है की पर्यटकों को लंबे इंतजार से बचने के लिए लपकों से ब्लैक में टिकट खरीदनी पड़ती है। भारतीय पर्यटकों से 10 से 20 रुपये और विदेशी पर्यटकों से 300 से 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। लपके दूर साइबर कैफे में बैठे अपने साथियों से तत्काल टिकट बनवा कर पर्यटकों को दे देते हैं।

सड़क पर बसें खड़ी करवाकर वसूली
सड़क पर बसें खड़ी करवाकर वसूली

16 जून से पर्यटकों के लिए खुला है ताजमहल

बता दें की कोरोना की दूसरी लहर में ताजमहल पाँच माह (164 दिन) बन्द रहा था। इसके बाद ताजमहल सीमित संख्या में पर्यटकों के लिए 16 जून से खोला गया। कोरोना का असर कम होने के बाद पर्यटकों की लिमिट खत्म हुई और वर्तमान में हजारों की संख्या में पर्यटकों की आमद हो रही है। शनिवार और रविवार को यह आंकड़ा प्रतिदिन बीस हजार से ऊपर चला जाता है।

ताजमहल पर पर्यटन सीजन के चलते भारी भीड़ उमड़ रही है
ताजमहल पर पर्यटन सीजन के चलते भारी भीड़ उमड़ रही है

यह है जिम्मेदारों का कहना

पुरातत्व अधीक्षक राजकुमार पटेल का कहना है की ताजमहल परिसर के अंदर पुरातत्व विभाग और सीआईएसएफ कार्रवाई के लिए उत्तरदायी है और परिसर के अंदर सब कुछ सही है। ताजमहल के बाहर की जिम्मेदारी ताजसुरक्षा और थाना पुलिस की है। इस बारे में पुलिस अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। पूरे प्रकरण में एसपी सिटी विकास कुमार ने ताजसुरक्षा और ताजगंज थाना पुलिस को सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।