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आगरा में चंबल नदी पर बना पांटून पुल बहा:कर्मचारियों ने स्टीमर से 1KM दूर पीछा कर रस्सी के सहारे वापस जोड़ा, हादसे के वक्त मौजूद थे 10 लोग, टला बड़ा हादसा

आगरा4 महीने पहले
आगरा के पिनाहट कस्बे के उसेथा घाट पर बहे पांटून पुल को जोड़ते कर्मचारी।

आगरा के रविवार सुबह चंबल नदी के उसेथा-चंबल घाट पर बना पांटून पुल अचानक तेज बहाव में बह गया। स्टीमर से एक किमी पीछा कर पुल को रस्सों से खींच कर दोबारा जोड़ा गया। हादसे के वक्त पुल पर 10 कर्मचारी मौजूद थे। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ है। वर्तमान समय में पुल पर आवागमन बंद है। यह पूरा मामला पिनाहट कस्बा क्षेत्र का है। यहां चंबल नदी उफान पर है।

रस्सी टूटने से हुआ हादसा

चंबल नदी के उस पर मध्य प्रदेश का हिस्सा है। इस तरफ आगरा है। दोनों प्रदेशों के लोग उसेथा-चंबल घाट पर बने पुल से गुजरते हैं। आज सुबह पांटून पुल पर कर्मचारी नदी के तेज बहाव के बीच पांटून पुल की स्थिति का जायजा ले रहे थे। उसी समय मध्यप्रदेश की तरफ से पुल की रस्सी टूट गयी और पुल पानी के बहाव के साथ आगे बहने लगा। स्टीमर द्वारा तत्काल पीछा कर रस्सी के सहारे पुल को खींचा गया। इसके बाद उसे जोड़ दिया गया है। नदी में तेज बहाव होने पर उसे तोड़ कर किनारे बांध दिया जाता है और दोबारा पुल शुरू करने के लिए उसे जोड़ा जाता है। लेकिन आवागमन होने के बाद भी पुल हटाया नहीं गया था और उस पर कर्मचारी भी मौजूद थे।

चंबल नदी इस वक्त उफान पर है। शनिवार को हुई बारिश से एक बार फिर चंबल का जलस्तर 116 मीटर से 121 मीटर तक पहुंच गया है। आज चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एक बार फिर अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन द्वारा नदी में स्टीमर का संचालन बंद करा दिया गया है।

पांटून पुल और स्टीमर को पीडब्ल्यूडी द्वारा संचालित किया जाता है।इसका ठेका निकाला जाता है। पुल और स्टीमर के ठेके से लाखों की कमाई होती है। वर्तमान में पटियाली की एक महिला किरन देवी के नाम से ठेका है और उसके द्वारा थर्ड पार्टी स्थानीय ठेकेदार चंदू वर्मा के पास 2 लाख 10 हजार रुपए में रखरखाव की जिम्मेदारी है।

पुल बहने की जानकारी पाकर मौके पर जुटे आसपास के ग्रामीण। इसमें कई वे लोग भी हैं जो प्रतिबंध के बावजूद जान जोखिम में डालकर पुल पार करते हैं।
पुल बहने की जानकारी पाकर मौके पर जुटे आसपास के ग्रामीण। इसमें कई वे लोग भी हैं जो प्रतिबंध के बावजूद जान जोखिम में डालकर पुल पार करते हैं।

पिछले साल भी पुल हटाने में दिखी थी लापरवाही

पिछले साल बारिश के मौसम में भी पुल से लोगों का आवागमन कराया जा रहा था। इस दौरान कई लोग जान जोखिम में डाल कर यूपी से एमपी जा रहे थे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुल हटाया गया था। पुल बंद होने पर भी भारी वाहनों को सुविधा शुल्क लेकर पार करा दिया जाता है।

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