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  • People Said ... There Must Be A Poor Person, Who Did Not Have Pity Even For Innocent Children, Relatives Kept Crying To See The Face For The Last Time.

आगरा सामूहिक हत्याकांड:लोग बोले... कोई दरिंदा ही होगा, जिसको मासूम बच्चों पर भी रहम नहीं आया, अंतिम बार चेहरा देखने को बिलखते रहे रिश्तेदार

आगरा:15 दिन पहले
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रेखा और उसके तीन बच्चों की हत्� - Dainik Bhaskar
रेखा और उसके तीन बच्चों की हत्�

कूचा साधूराम में मां और तीन बच्चों की सामूहिक हत्या के बारे में जिसने सुना उसके रौंगटे खडे़ हो गए। हर कोई बस एक ही बात कह रहा था कि जिसने भी इस घटना काे अंजाम दिया है वो कोई दरिंदा ही होगा। मां के साथ तीन मासूम बच्चों का गला रेत दिया। अरे, बच्चों ने किसी का क्या बिगाड़ा था। वहीं, मृतक रेखा के रिश्तेदार एक बार उसका और बच्चों का चेहरा देखने के लिए बिलखते रहे, लेकिन पुलिस ने शवों को सील कर पोस्टमार्टम भिजवा दिया।

छह साल पहले ही पति ने दिया था मकान, रेखा को लेना था फ्लैट

सामूहिक हत्याकांड के बाद मृतक रेखा की ननद मिथलेश को रो-रो कर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि वो एक माह पहले ही घर आई थीं। उनकी भाभी ने उन्हें बुलाया था कि दीदी कभी-कभी घूम जाया करो। तब वो घर गई थीं। उस दिन उन्होंने रेखा को समझाया था कि अपना ख्याल रखा करो। तब रेखा ने बताया था कि वो जब भी घर से बाहर जाती है तो बच्चों को ताले में बंद कर जाती है। अब जल्द ही वो ये मकान बेचकर कहीं पर फ्लैट लेने की सोच रही है। मिथिलेश ने बताया कि करीब छह साल पहले उनके भाई सुनील ही रेखा के नाम यह मकान खरीदा था। तलाक के बाद वो अकेली बच्चों के साथ यहां रह रही थी।

बच्चों को लेकर भी हुआ था विवाद

मिथिलेश ने बताया कि तलाक के समय रेखा ने बच्चों को अपने पास रखने के लिए कहा था। ऐसे में उनके भाई ने बच्चों को छोड़ दिया। मगर, अब रेखा बच्चों को अपने साथ नहीं रखना चाह रही थी। वो उनके भाई सुनील से बच्चों को ले जाने को कहती थी। इसको लेकर भी विवाद होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनका भाई बच्चों से मिलने जाता था तो रेखा मिलने नहीं देती थी। लड़ाई करती थी। वहीं, मृतका रेखा की दादी माया देवी ने सतीश पर जबरन घर आने और रेखा को धमकी देने का आरोप लगाया है।

नहीं देख पाए किसी का चेहरा

हत्या की सूचना के बाद रेखा के मायके और पूर्व सुसराल पक्ष के लोग भी आ गए। हर कोई अंतिम बार मृतक रेखा और बच्चों के चेहरे देखना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने किसी को घर में नहीं जाने दिया। जब शवों को ले जाया गया तो सभी फूट-फूटकर रो पडे़ । वो बस अंतिम बार बच्चों के चेहरे देखना चाहते थे। मोहल्ले में भी हर कोई घटना के बाद सदमे में है।

पिता करता है बिलासपुर में मजदूरी

रेखा के पिता विनोद राठौर ने दो शादी की हैं। पहले पत्नी की बेटी रेखा है, जबकि दूसरी पत्नी से तीन बच्चे हैं। रेखा के चाचा प्रेम राठौर ने बताया कि उनके भाई बिलासपुर मे चूड़ी बेचने का काम करते हैं। सालों पहले ही वो वहां चले गए थे। रेखा शुरू से उनके साथ रही । सभी रिश्तेदारों ने मिलकर उसको पढ़ाया-लिखाया और शादी की।

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