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कोविड की तीसरी लहर को तैयार है आगरा:एसएन मेडिकल कॉलेज में होगा रैपिड एंटीजन टेस्ट; घायलों के लिए रेड टैग ट्राइएज एरिया बनाया

आगराएक वर्ष पहले
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आगरा की एसएन इमरजेंसी में हर मरीज का होगा रैपिड एंटीजन टेस्ट। - Dainik Bhaskar
आगरा की एसएन इमरजेंसी में हर मरीज का होगा रैपिड एंटीजन टेस्ट।

आगरा में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच अब डॉक्टरों ने भी लड़ाई की पूरी तैयारी कर ली है। एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी सेवाओं के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया जाएगा। गंभीर घायल मरीजों को रेड टैग ट्राइएज एरिया में ले जाकर तत्काल चिकित्सा देते हुए उनका कोविड टेस्ट भी किया जाएगा। हालांकि जांच की सुविधा सिर्फ इमरजेंसी में आए मरीजों के लिए है। बाकी लोग जिला अस्पताल या अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच जारी की जाएगी।

चिकित्सकों ने मांगा समर्थन

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रशांत गुप्ता ने मीडिया और आम लोगों से सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य कर्मियों के किसी भी काम का विरोध या कमी निकालने की बजाय उन्हें पूर्व जानकारी दी जाए, ताकि उसमें सुधार या परिवर्तन किया जा सके।

आगरा में नव वर्ष के पहले दिन से ही कोरोना बम फूटना शुरू हो गया था। अंदाजा लगाया जा रहा था कि नए साल की पार्टी और बाहर से आए पर्यटकों की भारी आमद के कारण ऐसा हुआ था। पर इसके बाद ठंड बढ़ने के साथ कोरोना के मरीज बढ़ते ही चले गए। शुक्रवार को 163 और शनिवार को 271 मरीज सामने आये हैं। इसके साथ ही कुल संक्रमितों की संख्या 743 हो गई है। चिकित्सकों का मानना है की सर्दी के मौसम में वायरस अधिक समय तक ज़िंदा रह सकता है। इसके साथ ही आम लोगों का तीसरी लहर के लिए जागरूक न होना भी कोरोना को बढ़ने में सहायक हो रहा है।

लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले

सरकारी आंकड़ों की माने तो आगरा में अब तक 25323 लोग कोविड से ग्रस्त हो चुके हैं और कुल 458 की मौत हुई है। अब तक 11711643 लोगों को टीके की दोनों डोज मिल चुकी हैं और लगातार टीकाकरण जारी है। रोजाना पांच हजार से ज्यादा लोगों की जांच की जा रही है। कई एक्टिव मरीज ऐसे भी हैं जिन्हें दोनों डोज लग चुकी हैं। मरीजों के ठीक होने की दर 98 से घटकर 96.45 हो गई है। आगरा का एक डॉक्टर ओमिक्रॉन वायरस का शिकार हो चुका है, हालांकि अब उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक है लेकिन वह आइसोलेशन में है।

बाजारों में कम नहीं हो रही भीड़

प्रशासन द्वारा बाजार बंदी के दिन तय कर दिए गए हैं और लोगों को लगातार कोविड गाइडलाइंस के पालन के लिए समझाया जा रहा है लेकिन फिर भी बाजारों में भीड़ कम नहीं हो रही है। अगर नए मरीजों के मिलने की संख्या ऐसे ही बढ़ी तो सोमवार तक 1000 सक्रीय मरीज हो जाएंगे और नियमनुसार होटल ,जिम ,रेस्टोरेंट और सिनेमाघर बंद कर दिए जाएंगे।

इन बातों का रखिए ख्याल

दुनियाभर में कोरोनावायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ रहा है और भारत में भी केस बढ़ने लगे हैं। इससे बचाव के लिए पर्सनल हाइजीन (खुद की स्वच्छता) पर ध्यान देने एवं आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। हम सभी दिन का अधिकांश समय ऑफिस में बिताते हैं, ऐसे में नीचे दी गई कुछ बातों पर ध्यान देकर खुद भी बचना है और अपने साथियों के लिए भी इसके खतरे को कम करना है।

  • वर्कप्लेस, ऑफिस एवं मीटिंग में मास्क को ठीक से पहनें और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
  • हाथों से नाक, मुंह और आंखों को बार-बार छूनें से बचें। अपने पास हैंड सैनिटाइजर रखें और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करें। हाथों को बार-बार 20 सेकंड तक अच्छी तरह से वॉश करें।
  • लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं तो उसके बटन को पेन या पेंसिल से दबाएं। दरवाजों के हैंडल और सीढ़ियों के हैंडरेल को भी हाथों से छूने से बचें
  • खाना, फोन और स्टेशनरी जैसी पर्सनल यूज वाली चीजें शेयर करने से बचें,कोविड के संक्रमण से बचने के लिए भीड़ भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें।
  • स्वयं को और अपने परिवारजनों को वैक्सीन के दोनों डोज लगवाना सुनिश्चित करें और डोज बाकी हो तो तुरंत लगवाएं।
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