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साढे़ आठ करोड़ की डकैती के बदमाश ने किया सरेंडर:कमला नगर थाने पहुंचा, बोला मुझे मत मारना, मैं डकैती में शामिल था, मरना नहीं चाहता

आगरा:3 दिन पहले
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पुलिस गिरफ्त में सरेंडर करने वाला बदमाश प्रभात शर्मा - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में सरेंडर करने वाला बदमाश प्रभात शर्मा

कमला नगर में मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में साढे़ आठ करोड़ की लूट में शामिल एक बदमाश प्रभात शर्मा बुधवार दोपहर कमला नगर थाने पहुंच गया। वहां पहुंच कर उसने पुलिस से कहां कि मैं कमला नगर डकैती में शामिल था। मुझे पकड़ लो, लेकिन मेरा एनकाउंटर मत करना। यह सुनते ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसने पुलिस को डकैती की पूरी कहानी बताई।

दो बदमाशों के एनकाउंटर से था खौफ में

17 जुलाई को दिनदहाडे़ बदमाशों ने मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी में डकैती डाली थी। वारदात के डेढ़ घंटे बाद ही पुलिस ने दो बदमाश मनीष और निर्दाेष को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से पुलिस डकैती में शामिल अन्य बदमाशों की तलाश में थी। बुधवार दोपहर करीब सवा दो बजे एक बदमाश कमला नगर थाने पहुंचा। उसने अपना नाम प्रभात शर्मा निवासी कनेटा फिरोजाबाद बताया। उसने कहा कि मैं डकैती में शामिल था। घटना के समय लोन कंपनी के सामने बने पार्क में बैठकर निगरानी कर रहा था। मगर, पुलिस ने जब दो साथियों का एनकाउंटर कर दिया तो मैं घबरा गया। मैं मरना नहीं चाहता, इसलिए समर्पण करने आया हूं।

एक बदमाश का नाम और आया सामने

बदमाश ने पुलिस को बताया कि डकैती में छह नहीं बल्कि सात बदमाश शामिल थे। इसमें नरेंद्र उर्फ लाला, रेनू उर्फ पंडित उर्फ अविनाश मिश्रा, संतोष जाटव, अंशुल सोलंकी, मनीष पांडेय, निर्दाेष प्रजापति थे। अब तक पुलिस को संताेष जाटव का नाम नहीं पता था। पुलिस मान रही थी कि छह बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया है।

मारे गए बदमाश निर्दोष का बचपन का दोस्त है प्रभात

आइजी नवीन अरोरा ने बताया कि प्रभात ने बताया कि कि वो मुठभेड़ में मारे गए बदमाश निर्दाेष का बचपन का दोस्त है। इसने राजस्थान से सेनेटरी इंस्पेक्टर का कोर्स किया है। वहां पर इसकी मुलाकात मारे गए बदमाश मनीष के भाई से हुई थी। उसके जरिए ही ये मनीष के संपर्क में आया था। मनीष ने ही इसे नोएडा में नरेंद्र और सभी बदमाशों से मिलवाया था। प्रभात आगरा में लोहामंडी और खंदौली में किराए पर रहा है। वारदात के बाद सबको टूंडला में मिलकर माल का बंटवारा करना था, लेकिन दो बदमाशों के ढेर होने के बाद ये मिल नहीं पाए। प्रभात को अपना हिस्सा भी नहीं मिला।

नोएडा के मणप्पुरम ब्रांच में भी करने गए थे वारदात

आइजी ने बताया कि प्रभात ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले नोएडा की सेक्टर-34 स्थित मणप्पुरम ब्रांच में डकैती की योजना बनाई थी। वहां पर इन्होंने रेकी भी कर ली थी। वारदात करने पहुंचे थे, लेकिन उस दिन भीड़ अधिक होने के चलते वारदात नहीं कर पाए थे। इसके बाद इन्होंने आगरा के भगवान टाकीज स्थित मणप्पुरम ब्रांच की रेकी भी की थी। उसके बाद कमला नगर ब्रांच की रेकी की। कमला नगर ब्रांच इन्हें वारदात के लिए मुफीद लगी थी। उसने बताया कि यह मणप्पुरम या मुथुट फाइनेंस में ही वारदात करना चाहते थे, जिससे एक बार में बड़ी मात्रा में सोना और नकदी मिले।

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