आगरा के जोन्स मिल मामले में EOW का शिकंजा:128 बीघा सरकारी जमीन खुर्द बुर्द कर साढ़े तीन हजार का घोटाला, 25 अफसरों को नोटिस; हो सकता है मुकदमा

आगरा6 महीने पहले
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EOW ने एसडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव, एसडीएम सदर एम अरुनमोली और वीके गुप्ता, तहसीलदार प्रेमपाल समेत 25 अफसर और कर्मचारियों को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने को कहा है। - Dainik Bhaskar
EOW ने एसडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव, एसडीएम सदर एम अरुनमोली और वीके गुप्ता, तहसीलदार प्रेमपाल समेत 25 अफसर और कर्मचारियों को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने को कहा है।

आगरा में बीती 19 जुलाई को जोन्स मिल में विस्फोट के बाद सामने आए आगरा के सबसे बड़े घोटाले की जांच में अब अफसरों की गर्दन भी फंसती नजर आ रही है। आर्थिक अपराध शाखा कानपुर द्वारा एडीएम प्रशासन, एसडीएम सदर समेत 25 लोगों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। शिकायतकर्ता कपिल वाजपेयी को भी बयान के लिए बुलाया गया है।

यह है पूरा मामला

बता दें कि बीती 19 जुलाई को जोन्स मिल स्थित एक गोदाम के पास बम विस्फोट हुआ था। इस मामले में जांच के बाद थाना छत्ता पुलिस ने कंवलजीत, चुनमुन अग्रवाल और रज्जो जैन समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 128 बीघा जमीन का घोटाला सामने आया था। यह जगह पर अंग्रेजों के जमाने में जोन्स मिल थी। इसके बाद धीरे धीरे लोगों ने पट्टे और किराए पर लेकर कब्जा कर लिया। तमाम जगहों को बेच भी दिया।

साढ़े तीन हजार के घोटाले में अफसर फंसे

जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू द्वारा एसडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव, एसडीएम सदर एम अरुनमोली और वीके गुप्ता, तहसीलदार प्रेमपाल समेत 25 अफसर व कर्मचारियों को नोटिस देकर कानपुर कार्यालय पर बयान दर्ज कराने को कहा गया है। यह सभी जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह द्वारा बनाई गई जांच कमेटी के सदस्य हैं। ईओडब्ल्यू द्वारा जांच रिपोर्ट समेत 1200 पेज के दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

शिकायतकर्ता को भी नोटिस

ईओडब्ल्यू ने शिकायतकर्ता कपिल वाजपेयी को भी नोटिस जारी किया है और उनसे कहा है कि अगर वो शिकायत में कुछ बढ़ाना चाहते हैं तो बढ़ा दें। कपिल वाजपेयी ने बताया कि यह आगरा का सबसे बड़ा घोटाला है। इसमें दो पेट्रोल पंप, चार बड़े ऑफिस, कई कोठियां और गोदाम भी जद में आएंगे। साढ़े तीन हजार करोड़ की सरकारी भूमि पर कुछ के 2016 तक के ही पट्टे थे। ज्यादातर का कोई मालिक नहीं है और इसका फायदा उठाया गया है। जो अधिकारी इस मामले में गलत रिपोर्ट दाखिल कर गये हैं, उन पर भी कार्रवाई जरूर होगी।

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