आगरा में फर्जी RPF दरोगा पकड़ा गया:ट्रेन में फ्री यात्रा करने के लिए सिलवाई वर्दी, लेकिन बेल्ट और जूतों से पकड़ा गया; जीआरपी ने भेजा जेल

आगराएक वर्ष पहले
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लोगों पर रौब झाड़ने और ट्रेन में फ्री यात्रा करने के लिए फर्जी वर्दी सिलवाई और आईकार्ड बनवाया। - Dainik Bhaskar
लोगों पर रौब झाड़ने और ट्रेन में फ्री यात्रा करने के लिए फर्जी वर्दी सिलवाई और आईकार्ड बनवाया।

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को आरपीएफ का एक फर्जी दरोगा पकड़ा गया है। दरोगा ने ट्रेन में फ्री में यात्रा करने के लिए इंटरनेट पर देखकर आरपीएफ दरोगा की वर्दी सिलवाई। मगर, वो एक जगह गच्चा खा गया। उसने खाकी वर्दी तो सिलवा ली, लेकिन पुलिस वालों जैसे जूते और बेल्ट नहीं ला सका। जीआरपी ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कैंट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त चेकिंग चल रही थी। तभी उनकी नजर प्लेटफार्म नंबर- 1 पर बेंच पर बैठे एक दरोगा पर पड़ी। जब उससे बात की तो खुद को आरपीएफ का ASI बताने लगा। इससे ही उन्हें शक हुआ। उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि लोगों पर रौब झाड़ने और ट्रेन में फ्री यात्रा करने के लिए फर्जी वर्दी सिलवाई और आईकार्ड बनवाया। उसका नाम आकाश मधुरिया है और वो ग्वालियर का रहने वाला है।

'आरपीएफ में ASI की भर्ती नहीं होती'

कैंट आरपीएफ इंस्पेक्टर सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि आरपीएफ में ASI की भर्ती नहीं होती है। उसके बैच पर सिल्वर कलर का एक स्टार लगा था। इसके अलावा आरपीएफ में लाल जूते और लाल रंग की बेल्ट पहनी जाती है। मगर, वो काले रंग के जूते और बेल्ट पहने था।

इंटरनेट पर देखकर सिलवाई वर्दी
आरोपी ने बताया कि उसने इंटरनेट पर देखकर आरपीएफ की वर्दी सिलवाई थी। मगर, उसको बेल्ट और जूते के रंग के बारे में समझ नहीं आया। आरोपी ने आरपीएफ और जीआरपी को गुमराह करने का प्रयास किया है। आरोपी ने बताया कि उसने बांदीकुई में ट्रेनिंग की है, लेकिन वो अपनी बात में फंस गया। पुलिस आरोपी के बारे में और पता लगा रही है। जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

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