स्फीहा और डीईआई ने हरदा में लगाया 10 दिवसीय शिविर:आदिवासी समाज के लोगों को विशेषज्ञ दे रहे आत्मरक्षा और खेलकूद की ट्रेनिंग

आगरा2 महीने पहले
स्फीहा और डीईआई द्वारा लगाए गए शिविर में छात्रों को रोजगार के लिए कंपनियों को भी बुलाया गया है।

स्फीहा और डीईआई डीम्ड यूनिवर्सिटी द्वारा राजाबरारी एस्टेट के साथ जिला हरदा मध्यप्रदेश में 10 दिवसीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसमें आदिवासी समाज के कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहें हैं। शिविर में मेडिकल कैम्प, ड्रोन से प्रशिक्षण सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी शिविर, शैक्षिक कार्यशाला, छात्राओं के लिए आत्मरक्षा, युवाओं के लिए रोजगार सहायता, वायु और जल गुणवत्ता स्तर और पौधरोपण जैसे कार्यक्रम होंगे।

स्फीहा द्वारा हरदा में आदिवासी समाज के लिए 10 दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है।
स्फीहा द्वारा हरदा में आदिवासी समाज के लिए 10 दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया है।

विशेषज्ञों की टीम भेजी गई
स्फीहा के मीडिया प्रभारी शब्द मिश्रा ने बताया कि शिविर में गतिविधियों के संचालन और प्रशिक्षण के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भेजा गया है। एलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सक की टीम निशुल्क परामर्श और दवाइयां दे रही हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर में होने वाले मुख्यमंत्री खेलकूद कार्यक्रम में अल्पसंख्यक नवोदित खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा और उत्साह से भाग ले सके, इसके लिए वॉलीबॉल टूर्नामेंट आयोजित किया गया। इस टूर्नामेंट का नाम सहयोग, संगठन, सफलता कप दिया गया। इसमें 36 टीमों के करीब 1200 छात्रों ने भाग लिया।

छात्राओं की आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ आत्मविश्वास में सुधार के लिए, विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा समानांतर रूप से कैंप आयोजित किया जा रहा है, जिससे उनकी शारीरिक दृढ़ता और और मानसिक फिटनेस में सुधार होगा।

विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है।
विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जा रही है।

डीईआई(डीम्ड यूनिवर्सिटी) के प्रोफेसर अत्याधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन और कंप्यूटर के उपयोग सहित प्रौद्योगिकियां से इन कार्यशालाओं का आयोजन कर रहे हैं। वे नियमित स्थानीय हवा और पानी की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। स्फीहा के स्वयंसेवक बायो डाटा लेखन और साक्षात्कार की कार्यशालाओं का आयोजित भी कर रहे हैं। कौशल कार्यशालाओं द्वारा योग्य युवाओं के लिए प्लेसमेंट सहायता भी आयोजित की गयीं हैं। भर्ती के लिए कंपनियों को भीआमंत्रित किया जा रहा है।

स्फीहा के अध्यक्ष एमए पठान ने कहा कि "मानवता की सबसे बड़ी सेवा लोगों के विकास और उत्थान के लिए कार्य करना है। टिकाऊ प्रबंधन के हमारे लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए इस शिविर को आयोजित किया गया है। स्फीहा संस्था राजाबरारी, जिला हरदा में सक्रिय रूप से विभिन्न सामाजिक-आर्थिक और रोजगार के अवसरों का समर्थन और प्रायोजन कर रहा है, जिससे अद्वितीय 'ग्रामीण आर्थिक क्षेत्र' को बनाए रखने में मदद मिल रही है।

स्फीहा मध्य प्रदेश राज्य में स्थित दस आदिवासी गाँवों के समूह राजा बरारी जिला हरदा के आदिवासियों व जनजातियों के उत्थान के लिए भी सेवा कार्य कर रही है। यह कार्य राधास्वामी सत्संग सभा, दयालबाग आगरा के सहयोग व निर्देश से ही संभव हो पा रहा है। वर्ष 1919 से राधास्वामी सत्संग सभा, दयालबाग आगरा लगातार यहां मानव जाति की सेवा की भावना के साथ, धर्मार्थ (निगमित) संगठन के रूप में, न केवल भारत के संप्रभु गणराज्य के भीतर बल्कि इंग्लैंड और वेल्स (सिंगापुर घोषणा 1971) में भी आदिवासियों को देश की मुख्यधारा के साथ मिलाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है।

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