आगरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का उत्साह:बल्केश्वर से निकली श्याम निशान यात्रा, मनकामेश्वर मंदिर में श्रीनाथ बाबा के महास्नान का आयोजन

आगरा3 महीने पहले
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आगरा में आज निकाली गई श्याम निशान यात्रा। - Dainik Bhaskar
आगरा में आज निकाली गई श्याम निशान यात्रा।

आगरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। आज यानी गुरुवार को बल्केश्वर से श्याम निशान यात्रा निकाली गई। इधर, मनकामेश्वर मंदिर में आज श्रीनाथजी बाबा के महास्नान का आयोजन होगा। गंगा सागर, कैलाश मानसरोवर समेत देश की सभी नदियों के मिश्रित जल से उन्हें स्नान कराया जाएगा। बल्केश्वर में आयोजित 4 दिवसीय यात्रा में महालक्ष्मी भक्त मंडल ने शोभायात्रा निकाली। हाथों में श्याम बाबा का निशान थामे 2100 भक्त नर-नारी, खाटू नरेश का आकर्षक डोला, देवी-देवताओं की झांकियां, घोड़ों पर सवार रानी लक्ष्मीबाई के स्वरूप शामिल हुए। दोपहिया वाहनों पर मराठी वेशभूषा में बेटियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। 14 आकर्षक द्वारों ने मार्ग की शोभा को दोगुना कर दिया।

बल्केश्वर से जीवनी मंडी तक निकाली गई यात्रा।
बल्केश्वर से जीवनी मंडी तक निकाली गई यात्रा।

कल सजेंगे फूल बंगला, होगी भजन संध्या
जीवनी मंडी स्थित खाटू श्याम मंदिर में भक्तों ने 2100 निशान अर्पित कर खाटू नरेश को जन्माष्टमी पर महालक्ष्मी मंदिर बल्केश्वर में विराजने का निमंत्रण दिया। इससे पूर्व विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, ट्रस्टी राधे कपूर और अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने श्याम बाबा के डोले पर आरती उतारकर निशान यात्रा का शुभारंभ किया। जन्माष्टमी महोत्सव के तीसरे दिन 19 अगस्त को महालक्ष्मी मां के दरबार में फूल बंगला और छप्पन भोग की झांकी के दर्शन होंगे। देर शाम को जन्माष्टमी के अवसर पर खाटू नरेश का फूल बंगला और उनके दरबार में हरियाणा की मशहूर गायिका परविंदर पलक और आगरा के अंकुश शर्मा भजन सुनाएंगे।

भगवान श्रीनाथ बाबा का मनकामेश्वर मंदिर में होगा महास्नान।
भगवान श्रीनाथ बाबा का मनकामेश्वर मंदिर में होगा महास्नान।

मनकामेश्वर मंदिर पर लंगोट में दर्शन देंगे भगवान श्रीनाथ बाबा
मनकामेश्वर मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव को लेकर विशेष तैयारियों चल रही हैं। आज रात 12 बजे भगवान श्रीनाथ बाबा लंगोट में भक्तों को दर्शन देंगे। साल में इस तरह के दर्शन एक बार उपलब्ध होते हैं। मंदिर में आज 108 कलशों से श्रीनाथ बाबा का महास्नान होगा। इन कलशों में फूलों और फलों के रस के अलावा, कैलाश मानसरोवर, गंगासागर समेत देश की समस्त नदियों का जल मिश्रित होगा। 19 अगस्त को जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगीं।