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देश का पहला मामला:आगरा में 14 दिन की बच्ची को हुआ ब्लैक फंगस, डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बचाई जान; एक और सर्जरी बाकी

आगरा3 महीने पहले
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ब्लैक फंगस की शिकार 14 दिन की बच्ची का सफल ऑपरेशन। - Dainik Bhaskar
ब्लैक फंगस की शिकार 14 दिन की बच्ची का सफल ऑपरेशन।

उत्तर प्रदेश में आगरा के डॉक्टरों ने 14 दिन की बच्ची का ब्लैक फंगस का ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली। डॉक्टरों का दावा है कि ये देश का ऐसा पहला मामला है, जिसमें कोई नवजात ब्लैक फंगस से संक्रमित हुई और उसका ऑपरेशन किया गया। बच्ची की जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई थी। यह काम SN मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की टीम ने किया।

बच्ची अब खतरे से बाहर है
एसएन मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. अखिल प्रताप ने बताया कि बच्ची अब खतरे से बाहर है। विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी देखरेख कर रहे हैं। कोविड की दूसरी लहर में पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन के दौरान फंगस की बीमारी के मरीज सामने आ रहे हैं। पूरे देश में इतनी कम उम्र की बच्ची का यह पहला मामला सामने आया है।

कई वर्षों पहले फंगस की बीमारी फैलने के दौरान ऐसे केस आए हैं। पर इस समय यह पहला मामला है। बच्ची फिलहाल बीमारी से मुक्त है पर अभी उसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

गाल पर काला दाग था, डॉक्टरों ने ब्लैक फंगस बताया
हाथरस निवासी एक परिवार में 14 दिन पूर्व इस बच्ची का जन्म हुआ था। जन्म के बाद बच्ची की तबीयत खराब थी और उसे निजी अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती किया गया था। इस दौरान बच्ची के गाल पर काला दाग नजर आ रहा था। शनिवार को बच्ची के परिजन उसे लेकर आगरा के SN मेडिकल लाए थे।

बच्ची की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया और ऑपरेशन की बात कही। परिजनों की रजामंदी के बाद सोमवार को उसका सफल ऑपरेशन किया गया। बच्ची के संपर्क में लगातार रहने के चलते निजी अस्पताल और परिवार के लोगों को जरूरी हिदायत दी गई है। वर्तमान में एसएन मेडिकल कॉलेज में फंगस के 40 मरीज भर्ती हैं और इनमें से 32 में पुष्टि है और 8 अभी संदिग्ध हैं।

एक सर्जरी और की जाएगी
डॉ. अखिल प्रताप ने बताया कि बच्ची की तबीयत ठीक हो जाने के बाद सर्जरी की जाएगी। शरीर के किसी हिस्से से मांस और चमड़ी निकालकर उसके गाल की जगह पर सर्जरी होगी। उसकी उम्र बहुत कम है, इसलिए सर्जरी के बाद बड़े होने पर उसके चेहरे पर न के बराबर निशान ही रहेंगे। हालांकि अभी बच्ची का दिल और किडनी ठीक से काम नहीं कर रहा है।

मां बोली- जान बचने की खुशी है
बच्ची की मां का कहना है कि मैंने अस्पताल में बच्ची को दिल से लगाकर रखा। आज ऑपरेशन के कारण उसे दूर करना पड़ा है पर उसकी जान बच जाने की खुशी है। डॉक्टर भगवान होते हैं। बच्ची की मां ने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया।

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