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आगरा से पहली बार किसान एक्सप्रेस आसाम रवाना:5 किसानों ने पूरी ट्रेन बुक कराकर भेजी आलू की बड़ी खेप, बोले- कम समय में पहुंचेगा माल, मुनाफा भी होगा ज्यादा

आगरा:20 दिन पहले
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सोमवार सुबह साढे़ चार बजे उत्तर मध्य रेलवे की पहली किसान एक्सप्रेस यमुना ब्रिज स्टेशन से रवाना हुई। - Dainik Bhaskar
सोमवार सुबह साढे़ चार बजे उत्तर मध्य रेलवे की पहली किसान एक्सप्रेस यमुना ब्रिज स्टेशन से रवाना हुई।

किसानों की सुविधा के लिए चलाई जा रही उत्तर मध्य रेलवे की पहली किसान स्पेशल एक्सप्रेस आज सुबह साढे़ चार बजे यमुना ब्रिज स्टेशन से आसाम के लिए रवाना हो गई। आगरा से आलू के पांच हजार पैकेट आसाम भेजे गए हैं। किसान एक्सप्रेस चलने से किसानों को लाभ होगा। भाडे़ की बचत के साथ उन्हें व्यापार के लिए नया बाजार मिलेगा। ट्रेन के संचालन से आलू किसान खुश हैं। उनका कहना है कि किसान एक्सप्रेस से कम समय में माल भेज सकेंगे और मुनाफा भी ज्यादा होगा।

पांच हजार पैकेट आलू गया
उत्तर मध्य रेलवे की पहली किसान एक्सप्रेस का संचालन आगरा से शुरू हुआ है। सुबह साढे़ चार बजे ट्रेन को आसाम के चांगसारी के लिए सीनियर डीसीएम अमन वर्मा, डीसीएम एसके श्रीवास्तव ने रवाना किया। रेलवे को पहली किसान एक्सप्रेस का अच्छा रेस्पांस मिला है। आगरा से ट्रेन में आधा दर्जन किसानों ने 270 टन आलू भेजा है। यह करीब पांच हजार पैकेट आलू है। यह आलू आसाम भेजा गया है।

आगरा के पांच किसानों ने किसान एक्सप्रेस से भेजा है आलू।
आगरा के पांच किसानों ने किसान एक्सप्रेस से भेजा है आलू।

समय लगेगा कम, मुनाफा होगा ज्यादा
आगरा और अलीगढ़ जिले में बड़ी मात्रा में आलू की पैदावार होती है। किसान एक्सप्रेस से आलू भेजने वाले खंदौली के किसान राकेश का कहना है कि किसान रेल से आलू आसाम भेज रहे हैं। पांच किसानों ने मिलकर 12 डिब्बों की पूरी ट्रेन को बुक कराया है। इससे तीन तरह के लाभ हैं। ट्रक से आलू भेजने में पांच दिन लगते थे, जबकि किसान रेल से 36 घंटे में ही आलू पहुंच जाएगा।

दूसरा फायदा यह है कि अक्सर ट्रक में आलू भीग जाता था, जिससे खराब हो जाता था। अगर ट्रक रास्ते में खराब हो गया तो और मुश्किल हो जाती थी। मगर, ट्रेल से माल सुरक्षित रहेगा। इससे आलू ताजा रहेगा। खराब होने का डर नहीं रहेगा।

किसान रेल से सबसे बड़ा फायदा किराए का है। ट्रक से आलू भेजने में प्रति कुंटल 500 रुपए भाड़ा लगाता है, जबकि किसान रेल में भाड़ा 250 रुपए है। जो ट्रक के भाड़े का लगभग आधा है। किसान अर्जु्न सिंह ने बताया कि पहले हम लोकल आलू बेचते थे। अब आलू को चांगसारी आसाम भेज रहा हूं। इससे वहां पर आलू का मूल्य भी बढिया मिलेगा।

यमुना ब्रिज स्टेशन पर किसान एक्सप्रेस ट्रेन से आसाम आलू भेजा गया है।
यमुना ब्रिज स्टेशन पर किसान एक्सप्रेस ट्रेन से आसाम आलू भेजा गया है।

हफ्ते में एक दिन चलेगी ट्रेन
सीनियर डीसीएम अमन वर्मा ने बताया कि यह ट्रेन हफ्ते में एक दिन चलेगी। सप्ताह में हर सोमवार को इस ट्रेन का संचालन होगा। ट्रेन में 12 वैगन व एक पार्सल कोच है। ट्रेन सुबह साढे़ 4 बजे रवाना हुई। ये ट्रेन यमुना ब्रिज से चलकर ट्रेन टूंडला, प्रयागराज, गोरखपुर, दानापुर पटना, बरौनी होते हुए आसाम के चांगसारी पहुंचेगी।

ट्रेन साढे़ 36 घंटे में 1662 किलोमीटर का सफर तय करेगी। ट्रेन की स्पीड अधिकतम 45 किलो मीटर प्रति घंटा होगी। किसान एक्सप्रेस से उपज भेजने वाले किसानों को 50 फीसद की सब्सिडी भी मिलेगी। किसान अपनी फसल भेजने के लिए बुकिंग करा सकते हैं। इस ट्रेन का उद्देश्य किसान को एक व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। वो सीधे अपना सामान दूसरे राज्यों की मंडी में ले जा सकेंगे।

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