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वाह रे सरकार!:आगरा में 22 मौत के आरोपी डॉ. अरिंजय पर कौन है मेहरबान, क्यों नहीं हुई 5 दिन बाद भी गिरफ्तारी

आगरा11 दिन पहले
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आगरा के पारस अस्पताल में 5 मिनट में 22 लोगों की मौत के आरोपी डॉक्टर अरिंजय जैन अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। घटना के खुलासे को पांच दिन हो चुके हैं। कई पीड़ित लिखित में तहरीर भी दे चुके हैं। नरसंहार की रात जान गंवाने वालों में से 11 के परिवार सामने आ चुके हैं। यहां तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जांच के आदेश दिए थे। इसके बावजूद प्रशासन डॉक्टर को बचाती हुई नजर आ रही है। प्रशासन ने खानापूर्ति के लिए पारस हॉस्पिटल को बस सीज करने की कार्रवाई की।

आज रात आएगी रिपोर्ट, कमेटी के हेड अलग-अलग बयान दे रहे

26 अप्रैल को ऑक्सीजन बंद कर मौत की मॉक ड्रिल करने वाले पारस अस्पताल की जांच के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट शुक्रवार तक आनी थी। मुख्यमंत्री के आदेश पर हो रही जांच के बाद भी प्रशासन पर हत्यारे डाॅक्टर को बचाने के आरोप लग रहे हैं। क्योंकि कमेटी के हेड एडीएम सिटी मामले में अलग-अलग बयान दे रहे हैं।

दरअसल, 7 जून को पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिंजय जैन द्वारा मौत का मॉक ड्रिल करने का वीडियो सामने आया था। इसमें अरिंजय खुद कबूल कर रहा है कि उसने ऑक्सीजन बंद करके 5 मिनट 22 लोगों की जिंदगी छीन ली थी। आगरा जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने उसी दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 26 अप्रैल की रात अस्पताल में महज 3 मौतें हुई थीं। और उन्होंने ऑक्सीजन की कमी से कोई भी जान न जाने की बात कही। लेकिन उसके बाद से अब तक 26-27 अप्रैल की रात पारस अस्पताल में जान गंवाने वाले 11 मृतकों के परिजन सामने आ चुके हैं।

दो डॉक्टरों की टीम कर रही जांच, लेकिन महज खानापूर्ति

  • 8 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की निष्पक्ष जांच करने और दो दिन रिपोर्ट देने का आदेश भी जारी कर दिया। इसके बाद जिलाधिकारी पीएन सिंह ने एडीएम सिटी और सीएमओ ऑफिस के दो डॉक्टरों की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए।
  • 8 जून को ही दोपहर में टीम वहां जांच के लिए भी गई और शाम 4 बजे के करीब जिलाधिकारी ने प्रारंभिक जांच के बाद अस्पताल को पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होने की बात भी बता दी। और वायरल वीडियो में मोदीनगर में ऑक्सीजन खत्म होने की बात को भ्रामक बताया।
  • इसके साथ डॉक्टर के खिलाफ महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच रिपोर्ट आने तक अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिए। अस्पताल को सील करने के आदेश जारी कर इतिश्री कर ली थी। मरीजों को शिफ्ट करने के बाद अगले दिन दोपहर बाद अस्पताल को सील किया गया।

चार तहरीर पर पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

अस्पताल संचालक डॉ. अरिंजय के खिलाफ अब तक थाना न्यू आगरा में 4 तहरीर दी जा चुकी हैं। पर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से इनकार कर शिकायत जांच कमेटी को देने का हवाला दिया।

क्या कहते हैं नियम?

कानूनी जानकारों की मानें तो यह सच है कि डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से पहले स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट की आवश्यकता होती है। इससे पहले पुलिस को स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देकर जांच के लिए कहना पड़ता है। इस मामले में पुलिस जानबूझकर पीड़ितों को टहला रही है।

एडीएम सिटी दे रहे अलग-अलग बयान, डीएम हैं चुप

दैनिक भास्कर की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि समाजसेवी नरेश पारस, अशोक चावला और एक महिला पीड़ित द्वारा एडीएम सिटी को लिखित में शिकायत दी गई है। कई और पीड़ितों ने भी आज शिकायत देने की बात कही है। पर एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने भास्कर से बातचीत में पहले कोई शिकायत न आने की बात कही। फिर बाद में दो शिकायतें आने की बात मानी।

एडीएम सिटी प्रभाकांत के मुताबिक शुक्रवार रात 7 बजे के बाद जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष पेश होगी। उससे पहले कोई शिकायत करना चाहे तो कर सकता है। वहीं, घटना के 5 दिन होने के बावजूद डीएम चुप हैं, कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

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