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अलीगढ़ शराब कांड की दर्दनाक कहानी:कलेक्टर के पास 4 दिन की बच्ची लेकर पहुंची महिला, रोते हुए बोली- इसके पिता की मौत जहरीली शराब से हुई, इंसाफ दो

अलीगढ़20 दिन पहले
कलेक्टर ऑफिस पहुंचे 12 मृतकों के परिजनों का कहना था कि हमारा परिवार मेहनत मजदूरी करके ही चलता था। अब हमारे घरों में कोई कमाने वाला नहीं रहा। 

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौत के आंकड़ों में प्रशासन द्वारा हेरा-फेरी की जा रही है। इसी बीच कई बड़ी दर्दनाक कहानियां सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक मामला रविवार को सामने आया, जब एक महिला 4 दिन की बच्ची को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंची। महिला बिलखकर रोने लगी और कहा कि इस बच्ची के पिता और मेरे पति की मौत जहरीली शराब पीने से हो गई है। पुलिस यह मानने को तैयार ही नहीं हो रही, जबरन अंतिम संस्कार करवा दिया गया।

4 दिन की बेटी और मां को मुआवजा तक नहीं मिला
अलीगढ़ जनपद में जहरीली शराब पीने से लगभग 56 लोगों की मौत हो चुकी है। इन्हीं में से एक लोधा थाना क्षेत्र के राइट गांव के रहने वाले अंग्रेज खां। उनकी पत्नी आवदा 4 दिन की बेटी को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंची। आवदा ने बताया कि उसके पति ने पचपेड़ा स्थित देसी शराब के ठेके से शराब खरीदी थी और उसके बाद उसकी मौत हो गई। वहीं, जब इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की तो उसके पति को जबरन दफना दिया। अब प्रशासन इनका नाम मुआवजा सूची में शामिल करने से इनकार कर रहा है और कह रहा है कि अंग्रेज की मौत अन्य बीमारी से हुई थी।

4 गांव में ही 25 से ज्यादा मौत
हालांकि, ऐसी शिकायत करने वाली यह महिला अकेली नहीं थी। डीएम ऑफिस में ऐसे 12 मृतकों के परिजन पहुंचे, जिन्होंने कहा कि प्रशासन ने मृतकों का जबरन अंतिम संस्कार करवाया है। पंचनामा तक नहीं भरवाया। ये उसी लोधा थाना क्षेत्र के उन गांवों के लोग हैं, जहां सबसे पहले 27 मई को शराब से मौतें होने का सिलसिला शुरू हुआ था। लोधा क्षेत्र के 4 गांव में ही 25 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। बड़ी बात यह है कि इन पीड़ितों से डीएम और एसडीएम किसी ने भी मुलाकात नहीं की।

ये उन गांव के परिजन, जहां सबसे पहले मौतें शुरू हुईं
राइट लोधा गांव के अंग्रेज खां, वाहिद खान, मुकेश कुमार, मुनीर खां, आस मोहम्मद जहरीली शराब से दम तोड़ चुके। वहीं, धनौली गांव के राजवीर सिंह, अंडला गांव के दरशथ सिंह, देवेश कुमार, सूजापुर गांव के छोटेलाल, बच्चो सिंह, फतेहपुर गांव के जयपाल की भी जहरीली शराब से मौत हो चुकी। हालांकि, जिला प्रशासन इनको जहरीली शराब से हुई मौतें नहीं मान रहा है। इनके परिजन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे।

परिवार में अब कमाने वाला कोई नहीं बचा
कलेक्टर ऑफिस पहुंचे मृतकों के परिजनों का कहना था कि हमारा परिवार मेहनत मजदूरी करके ही चलता था। अब हमारे घरों में कोई कमाने वाला नहीं रहा।

जहरीली शराब से मौत की पहली सूचना शुक्रवार सुबह 8 बजे लोधा थाना इलाके के गांव करसुआ और खैर थाना क्षेत्र के गांव अंडला से मिली। पुलिस के साथ आबकारी टीम, डीआईजी दीपक कुमार, डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे और बीमार लोगों को अस्पताल में भिजवाया। इसी बीच पता चला कि गांव के बाहर आईओसी बॉटलिंग प्लांट पर कंटेनरों के दो चालक लापता हैं। उन्हें पुलिस ने खोजा तो वे कंटेनरों में ही बेसुध पड़े थे। जिन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने आनन-फानन ठेके सील कर दिए थे। तीन ब्लॉक में करीब 56 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन प्रशासन सिर्फ 26 मौत ही स्वीकार कर रहा है।