आगरा में मुगल रोड का नाम बदलकर हुआ महाराजा अग्रसेन:सुल्तानगंज पुलिया की पहचान बदली; काजी हाउस और मधुनगर चौराहा के भी होंगे नए नाम

आगरा:13 दिन पहले
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आगरा में सुल्तानगंज की पुलिया के बाद मुगल रोड का नाम बदलकर महाराजा अग्रसेन मार्ग रखा गया है। इस रोड को मॉडल रोड बनाया जाएगा, जहां लोग घूमने के लिए आ सकेंगे। इससे पहले सुल्तानगंज की पुलिया का नाम बदलकर विकल चौक रखा गया है। काजी हाउस और मधुनगर चौराहा का नाम भी बहुत जल्द बदला जाना है।

कमलानगर रोड पर अग्रसेन के अनुयायी, इसलिए बदला नाम

गुरुवार को मेयर नवीन जैन मुगल रोड पहुंचे। उन्होंने रोड का नाम बदलते हुए मार्ग की पटि्टका का अनावरण किया।
गुरुवार को मेयर नवीन जैन मुगल रोड पहुंचे। उन्होंने रोड का नाम बदलते हुए मार्ग की पटि्टका का अनावरण किया।

कहावत है, नाम में क्या रखा है? हालांकि, यूपी की सियासत में इसके मायने हैं। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद बड़े शहर और स्टेशनों के नाम नए सिरे से रखे। अब छोटी सड़क और चौराहों के नाम भी बदले जा रहे हैं। कमला नगर की तरफ जाने वाला रास्ता मुगल रोड के नाम से जाना जाता था। गुरुवार को मेयर नवीन जैन मुगल रोड पहुंचे। उन्होंने रोड का नाम बदलते हुए मार्ग की पटि्टका का अनावरण किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि इसका नाम मुगल रोड कैसे पड़ा, इसकी जानकारी नहीं है। कमला नगर में महाराजा अग्रसेन के अनुयायी बड़ी संख्या में रहते हैं। उन्हीं की मांग पर ये कदम उठाया गया है। अब इस सड़क को शहर के मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे पहले 11 नवंबर को सुल्तानगंज की पुलिया का नाम विकल चौक रखा जा चुका है। विकल चौक दिवंगत सत्यप्रकाश विकल के नाम पर रखा गया है।

इन सड़कों के नाम बदलने के प्रस्ताव भी रखे गए
मुगल रोड के बाद अभी शहर में कई और मार्ग के नाम बदलने की तैयारी है। घटिया आजम खां मार्ग को अशोक सिंघल मार्ग करने का प्रस्ताव भी निगम में पास हो चुका है। इसके अलावा दीवानी चौराहे के पास बने कांजी हाउस का नाम भी पं. दीनदयाल उपाध्याय मवेशी गृह होना है। मधुनगर चौराहे के नाम महाराजा सूरजमल चौक रखे जाने का प्रस्ताव है।

आगरा का नाम बदलने की भी उठी थी मांग
आगरा में सड़क और चौराहों के नाम बदलने से पहले आगरा शहर का नाम बदलने की मांग भी उठ चुकी है। दिवंगत भाजपा विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने वर्ष 2018 में उठाई थी। इसको लेकर काफी हल्ला भी मचा था। कुछ लोग नाम बदलने के समर्थन में थे, तो कुछ इसका विरोध कर रहे थे। इससे पहले आगरा में बसपा शासन काल में वर्ष 1996 में आगरा यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय किया गया था। इसका भी उस समय छात्र संगठनों ने विरोध किया था।
यूपी की इन जगहों के नाम बदले

  • मुगलसराय स्टेशन का नाम एकात्म मानववाद के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय के नाम कर दिया।
  • इलाहाबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया।
  • फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या किया गया।
  • कानपुर के पनकी स्टेशन का नाम पनकी धाम कर दिया गया।
  • दिल्ली स्थित दो भवनों यूपी सदन और यूपी भवन का नाम बदला गया। यूपी सदन का नाम उत्तर प्रदेश सदन त्रिवेणी रखा गया। यूपी भवन का नाम उत्तर प्रदेश भवन संगम किया गया।
  • गोरखपुर के उर्दू बाजार का नाम हिंदू बाजार तथा मियां बाजार का नाम माया बाजार किया गया।
  • प्रयागराज के 4 रेलवे स्टेशनों के नाम बदले। इलाहाबाद जंक्शन प्रयागराज जंक्शन बना। रामबाग प्रयागराज जंक्शन बना। इलाहाबाद छिवकी स्टेशन का नाम भी बदला। प्रयागराज घाट का नाम बदलकर प्रयागराज संगम किया गया।
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