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आगरा में बारिश का असर:बारिश में घरों में निकल रहे जहरीले जीव, किशोर न्याय बोर्ड में तीन फीट लंबी मॉनिटर लिजर्ड तो नाले में मिला 7 फीट का अजगर

आगरा2 महीने पहले
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आगरा किशोर बोर्ड में निकली गोह तो नाले में मिला 7 फीट का अजगर - Dainik Bhaskar
आगरा किशोर बोर्ड में निकली गोह तो नाले में मिला 7 फीट का अजगर

आगरा में बारिश होते ही अब सांप और लिजर्ड मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। वाइल्ड लाइफ टीम ने 24 घंटे में दो मॉनिटर लिजर्ड और एक अजगर को रेस्क्यू किया है।

किशोर बोर्ड में मिली तीन फुट की गोह

सोमवार की सुबह आगरा के सिरोली में तीन फुट लंबी मॉनिटर लिज़र्ड किशोर न्याय बोर्ड में घुस गई। गोह को बरामदे में देखा गया था। जेजेबी के अधिकारियों ने वाइल्ड लाइफ एसओएस से उनके हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। रैपिड रिस्पांस यूनिट की दो सदस्यीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची और गोह को सावधानी से रेस्क्यू किया। गोह को कुछ घंटे निगरानी में रखने के बाद वापस जंगल में छोड़ दिया गया।

नाले में मिला 7 फीट का अजगर

इसके बाद टीम ने देर रात असोपा अस्पताल के पीछे निर्भय नगर में नाले में 7 फीट लंबा अजगर दिखने की सूचना पर जाकर अजगर को नाले से सुरक्षित रूप से बाहर निकाला और कपड़े के बैग में डाल दिया।

घर के ड्रेनेज में निकली गोह

टीम ने आगरा कैंट स्थित डिफेंस कॉलोनी में एक घर के ड्रेनेज पाइप में फंसी मॉनिटर लिज़र्ड को भी बचाया और आगरा के खंदारी में केंद्रीय हिंदी संस्थान परिसर के अंदर स्टाफ क्वार्टर से 5 फीट लंबा अजगर भी पकड़ा।

बारिश में सूखे स्थान की खोज में निकलते हैं गोह और सांप

डायरेक्टर बैजू राज ने बताया कि सांपों और गोह का इमारतों और आवासों में आ जाना बारिश के दौरान एक सामान्य घटना है। वे अक्सर जमीन के नीचे गड्डा खोदकर अपना घर बनाते हैं और अपना अधिकांश समय वहीं बिताते हैं। लेकिन बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने के कारण उनके घर नष्ट हो जाते हैं, जिसकी वजह से उन्हें सूखी जमीन पर आश्रय लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हमें खुशी है कि लोग ऐसी घटनाओं की सूचना वाइल्ड लाइफ एसओएस को देकर सही निर्णय ले रहे हैं।

विषैली नहीं होती है मॉनिटर लिजर्ड

बंगाल मॉनिटर या कॉमन इंडियन मॉनिटर भारत में पाए जाने वाले 4 मॉनिटर लिज़र्ड की प्रजातियों में से एक हैं, और यह सभी भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 1 के तहत संरक्षित हैं एवं इनके शरीर के अंगों के आयात या निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है।