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आगरा में पुलिस पर हमले का मामला:शहीद दरोगा प्रशांत के कातिल पर 50 हजार रुपए का इनाम; एक दशक में 7 पुलिसकर्मियों की हुई हत्या

आगरा3 महीने पहले
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आरोपी विश्वनाथ। - Dainik Bhaskar
आरोपी विश्वनाथ।
  • पुलिस की 10 टीमें हत्यारे विश्वनाथ की तलाश में जुटी
  • बुधवार की शाम विश्वनाथ ने दरोगा प्रशांत की गोली मारकर की थी हत्या

उत्तर प्रदेश के आगरा में बुधवार को टोल प्लाजा चौकी में तैनात SI प्रशांत यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे दो सगे भाइयों के बीच विवाद को सुलझाने पहुंचे थे लेकिन छोटे भाई ने उन्हें गोली मार दी। जिले में यह पहला वाकया नहीं है, जब खाकी के गिरेबान तक किसी अपराधी का हाथ पहुंचा हो। एक दशक में 7 पुलिसकर्मियों की हत्या हो चुकी है। जबकि 8 घायल हुए। फिलहाल आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें दबिश दे रही हैं।

ADG राजीव कृष्ण का कहना है कि अभी शहीद का अंतिम संस्कार और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी उनकी प्राथमिकता है। इस प्रकरण की विभागीय जांच होगी। यदि पुलिस की लापरवाही या संलिप्तता की बात उजागर होती है तो थानेदार और अन्य पर भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस वालों ने हल्के में लिया था विवाद

खंदौली के गांव नोहर्रा में विजय सिंह ने अपने खेतों का बंटवारा कर दिया था। दस बीघा बड़े बेटे शिवनाथ और इतनी ही भूमि विश्वनाथ को देने के साथ ही सात बीघा खेती अपने पास रखी थी। विजय का छोटा बेटा विश्वनाथ मां के साथ रहता था, पर पिता की खेती बंटाई पर करता था। इस बार पिता ने शिवनाथ को खेत बंटाई पर दे दिया था। बुधवार को खेत से आलू निकालने के दौरान विश्वनाथ और उसकी मां ने हंगामा किया था और सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। यहां पुलिस ने सख्ती बरतने के स्थान पर बिना कोई कार्रवाई किए डांट-डपट कर मामला खत्म करवा दिया था।

पुलिस अफसरों ने दरोगा के पार्थिव शरीर को दिया कंधा।
पुलिस अफसरों ने दरोगा के पार्थिव शरीर को दिया कंधा।

इसके बाद शाम को जब विश्वनाथ ने फिर हंगामा किया तो शिवनाथ द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इसके बाद दरोगा प्रशांत यादव और सिपाही चंद्रसेन वहां पहुंचे थे। विश्वनाथ को पकड़ने के दौरान उसने दरोगा पर गोली चला दी और गले में गोली लगने से दरोगा की मौके पर मौत हो गई। अगर दिन में ही मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की जाती तो शाम को यह कांड नहीं हो पाता।

सनकी है आरोपी, बात-बात पर निकाल लेता है तमंचा

ग्रामीणों की माने तो विश्वनाथ सनकी किस्म का है और वह तमंचा लेकर घूमता था। घटना के समय भी वो तमंचा लहराकर मजदूरों को धमका रहा था। विश्वनाथ के हाथ में पिस्टल देखकर SI प्रशांत ने उसे दबोचने की कोशिश की। आरोपी के भागने पर प्रशांत ने उसका पीछा किया। विश्ननाथ ने फायरिंग की। एक गोली प्रशांत की गर्दन में लगी। लहूलुहान हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

शहीद दरोगा के परिजन अभी भी हैं नाखुश

दरोगा प्रशांत यादव को राज्य सरकार ने शहीद का दर्जा देते हुए उनके परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। एक सदस्य को नौकरी देने का भी ऐलान किया गया है लेकिन परिजनों का कहना है कि आर्थिक सहायता कम है। परिवार को दो नौकरी दी जाए। दरोगा पर अपनी बहनों और चाचा के परिवार की बहनों के साथ अपनी पत्नी व बच्चे की जिम्मेदारी थी। इसलिए परिजन 50 लाख और नौकरी की मदद को नाकाफी मान रहे हैं। परिजनों को आरोपी को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है।

दरोगा प्रशांत यादव। फाइल फोटो
दरोगा प्रशांत यादव। फाइल फोटो

आगरा के कई थानों पर तैनात रहे दरोगा प्रशांत

2011 में सिपाही बनने के बाद 2015 में सीधी भर्ती परीक्षा पास कर दरोगा बने प्रशांत यादव की हत्या से आगरा जिले में हर कोई गमगीन है। वे यहां कई थानों पर तैनात रहे हैं। उनके मृदु व्यवहार के कारण आगरा की जनता भी इस कांड से काफी आहत है।

आगरा में कब-कब पुलिस पर हुआ हमला

24 मार्च 2021: खंदौली थाना क्षेत्र के नोहर्रा गांव में दरोगा प्रशांत यादव की गोली मारकर हत्या।

08 नवंबर 2020: खनन माफिया के गुर्गों ने खेरागढ़ में सिपाही सोनू पर ट्रैक्टर चढ़ाकर उसकी हत्या की थी।

03 नवंबर 2019: दरोगा निशामक त्यागी की गोली मारी गई थी। जिसमें वे घायल हुए थे।

14 जुलाई 2019: किरावली में खनन माफिया के गुर्गों ने सिपाही राघवेंद्र पर ट्रैक्टर चढ़ाकर घायल किया था।

06 जुलाई 2019: फतेहाबाद के लालपुरा गांव के पास पुलिस पर हमला हुआ।

19 दिसंबर 2019: खेरागढ़़ के एक गांव में अवैध बालू खनन करके ले जाते ट्रैक्टर को रोकने पर चालक ने सिपाहियों पर चढ़ा दिया। इसमें दो सिपाही घायल हो गए थे।

05 जून 2019: खेरागढ़ के बरहरा गांव में खनन माफिया के गुर्गों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर चार पुलिसकर्मियों को घायल किया था।

25 सितंबर 2019: खेरागढ़ के गढ़सान में बालू से भरी ट्रैक्टर ट्राली रोकने पर सिपाहियों को कुचलने का प्रयास करने के साथ फायरिंग की गई।

29 जुलाई 2017: एत्माद्दौला के कालिंदी विहार सौ फुटा रोड पर चेकिंग के दौरान सिपाही सतीश यादव की बाइक सवार बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी।

05 अप्रैल 2017: शमसाबाद थाने में क्राइम ब्रांच के सिपाही अजय यादव की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

02 जुलाई 2014: मलपुरा में दबिश को गए सिपाही प्रदीप यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

12 दिसंबर 2014: एपी एक्सप्रेस में बदमाशों द्वारा चार पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर अपराधी हरेंद्र और वीनेश को छुड़ाया गया। हमले में सिपाही खलीक अहमद की गोली लगने से मौत हो गई थी।

01 अक्टूबर 2012: श्रीधाम एक्सप्रेस में फरह रेलवे स्टेशन के पास सपा नेत्री शम्मी कोहली के हत्यारोपित मोहित भारद्वाज को शूटरों ने गोलियों से भून दिया। इस दौरान बदमाशों ने सिपाही आस मोहम्मद को ट्रेन से फेंककर हत्या कर दी।

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