भाजपा को विपक्ष से ज्यादा अपनों से खतरा:आगरा की 9 की 9 सीटों पर अपनों का ही विरोध, 2017 में सबको किया था क्लीन स्वीप

आगरा4 महीने पहलेलेखक: अविनाश जायसवाल
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2017 में आगरा की 9 की 9 विधानसभाओं में परचम लहराने वाली भाजपा को 2022 के विधानसभा चुनावों में अपनों से ही सबसे ज्यादा खतरा नजर आ रहा है। यहां हर सीट पर पार्टी के ही लोग प्रत्याशियों का खुलेआम विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई संभावित प्रत्याशियों की लिस्ट के बाद आधिकारिक घोषणा से पहले ही कार्यकर्ताओं ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार सत्ता धारी दल और जीत की अधिक उम्मीद के चलते दावेदारों द्वारा अंदरखाने बगावत को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आगरा उत्तर से वर्तमान विधायक पुरुषोत्तम हैं संभावित प्रत्याशी
आगरा उत्तर से वर्तमान विधायक पुरुषोत्तम हैं संभावित प्रत्याशी

उत्तर में अग्रवाल समाज का विरोध

आगरा में भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली उत्तरी विधानसभा सीट में सबसे ज्यादा वैश्य समाज का वोट है। बसपा ने यहां से वैश्य समाज के मुरारी लाल गोयल को प्रत्याशी बनाया है और कांग्रेस ने विनोद बंसल को मैदान में उतारा है। भाजपा की संभावित सूची में वर्तमान विधायक पुरुषोत्तम खण्डेलवाल को ही प्रत्याशी माना जा रहा है। खेरागढ़ विधानसभा में वैश्य समाज के ही महेश गोयल की भी टिकट काटी जाने की सूचना कार्यकर्ताओं को मिल रही है।

शहर की संस्था अग्रवाल महासभा ने भाजपा प्रदेश नेतृत्व को पत्र लिखकर अग्रवाल समाज को एक भी जगह वोट न देने पर रोष जताया है। बताया जा रहा है की ब्रज मण्डल के एक अग्रवाल पदाधिकारी की दावेदारी दरकिनार करने के चलते यह विरोध हुआ है। संस्था में तमाम भाजपा पदाधिकारी भी हैं और कमलानगर क्षेत्र में हुई सभा मे भाजपा के कई अग्रवाल समाज के पदाधिकारी भी शामिल हुए हैं हालांकि राजनैतिक विश्लेषक अभी भी इस सीट को भाजपा के खाते में ही मान रहे हैं क्योंकि माना जा रहा है कि वैश्य दमज वोट भाजपा को ही देगा। पूर्व में जगन प्रसाद गर्ग यहां से चार बार विधायक रह चुके हैं और उनके आकस्मिक निधन के बाद उपचुनाव में भाजपा के पुरुषोत्तम खण्डेलवाल चुनाव जीते थे।

एत्मादपुर विधान सभा से संभावित प्रत्याशी धर्मपाल सिंह और वर्तमान विधायक राम प्रताप चौहान
एत्मादपुर विधान सभा से संभावित प्रत्याशी धर्मपाल सिंह और वर्तमान विधायक राम प्रताप चौहान

एत्मादपुर में बिगड़ रहे समीकरण

एत्मादपुर विधानसभा में वर्तमान विधायक राम प्रताप चौहान की टिकट कटना बिल्कुल तय माना जा रहा है। यहां सपा से भाजपा में आये दो बार विधायक रह चुके धर्मपाल सिंह की टिकट पक्की मानी जा रही है। धर्मपाल ने हाल ही के महीनों में सपा के प्रत्याशी के तौर पर तमाम मंचों से भाजपा के खिलाफ बयानबाजी की है और अचानक भाजपा ज्वाइन कर ली है।

वर्तमान विधायक के पक्ष में विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा तक दे चुके हैं और अंदरखाने राम प्रताप हर कीमत पर चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। यहां से एक अन्य ठाकुर दावेदार और महिला दावेदार भी टिकट न मिलने से रुष्ट है। समाजवादी पार्टी की तरफ से बघेल समाज के व्यक्ति को टिकट देने की चर्चा हो रही है। विधानसभा में एक लाख के लगभग बघेल वोटर है। पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा खत्म कर उन्हें मनाना पार्टी और प्रत्याशी के लिए जरूरी है। संभावित प्रत्यशी ने इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं और इसमें काफी हद तक सफल भी हुए हैं।

दक्षिण विधानसभा से वर्तमान विधायक योगेंद्र उपाध्याय हैं उम्मीदवार
दक्षिण विधानसभा से वर्तमान विधायक योगेंद्र उपाध्याय हैं उम्मीदवार

दक्षिण में महिला दावेदार और कार्यकर्ता

आगरा दक्षिण विधानसभा से भाजपा के दो बार से विधायक योगेंद्र उपाध्याय के खिलाफ बसपा से ब्राह्मण प्रत्याशी मैदान में है और समाजवादी पार्टी से एक जूता व्यवसायी और मुस्लिम समाजसेवी का नाम सामने आ रहा है। यहां भाजपा से एक समाजसेवी महिला द्वारा बजी टिकट की दावेदारी की जा रही है। महिला नेत्री द्वारा सभी वार्ड और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से संपर्क किया गया है। इसके साथ ही भाजपा के एक पदाधिकारी और उनकी पत्नी द्वारा विधायक पर जोन्स मिल प्रकरण में उनके पास हड़पने का आरोप है और अपने साले की घोटाले में पैरवी का भी आरोप है। एक फ्रंटल संगठन के कुछ नेताओं को विशेष तरजीह देने के ककरण अंदरखाने कुछ पुराने कार्यकर्ता विरोध में हैं।

ब्याह की विधायक व् वर्तमान संभावित प्रत्याशी रानी पक्षालिका व पति राजा अरिदमन सिंह
ब्याह की विधायक व् वर्तमान संभावित प्रत्याशी रानी पक्षालिका व पति राजा अरिदमन सिंह

बाह में दावेदारी को हो चुका है पथराव

बाह विधानसभा में वर्तमान में भदावर राजघराने की बहू रानी पक्षालिका सिंह विधायक हैं। इससे पूर्व उनके पति राजा अरिदमन सिंह सपा से विधायक थे। उसके पूर्व बसपा सरकार में वर्तमान सपा जिलाध्यक्ष और प्रत्याशी मधु सूदन शर्मा विधायक रहे हैं। इस बार यहां से पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुग्रीव सिंह चौहान ने भी दावेदारी की है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी रिटायर्ड आईएएस ए के शर्मा के लिए क्षेत्र में पचास हजार लोगों की एक जनसभा की थी। उनका राजा अरिदमन गुट से अभी विवाद हो चुका यही और दोनों पक्षों की ओर से लूट और डकैती जैसी धाराओं में मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। संभावित रूप से रानी पक्षालिका सिंह का पलड़ा भारी है और उन्हें ही उम्मीदवार माना जा रहा है। ऐसे में सुग्रीव चौहान का विरोध भारी संख्या में ठाकुर वोटों को प्रभावित कर सकता है। भाजपा के शीर्ष नेता अभी से इस डैमेज को कंट्रोल करने के प्रयास में जुट गए हैं।

फतेहाबाद विधानसभा से संभावित प्रत्याशी हो सकते हैं पूर्व विधायक छोटेलाल वर्मा
फतेहाबाद विधानसभा से संभावित प्रत्याशी हो सकते हैं पूर्व विधायक छोटेलाल वर्मा

फतेहाबाद में बिगड़े बोल बन रहे नश्तर

फतेहाबाद विधानसभा में निषाद वोट बाहुल्य है और यहां निषाद समाज के प्रत्याशी की जीत तय मानी जाती है। भाजपा की तरफ से संभावित उम्मीदवार पूर्व विधायक छोटेलाल वर्मा को माना जा रहा है। वर्तमान विधायक जितेंद्र वर्मा और छोटेलाल वर्मा दोनो ही बीते विधानसभा चुनाव के फौरन भाजपा में शामिल हुए थे पर तत्कालीन सिटिंग विधायक छोटेलाल को पार्टी ने टिकट नहीं दी थी। सूत्रों की मानें तो सर्वे में जितेंद्र वर्मा की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद पार्टी इस सीट पर छोटेलाल वर्मा को मौका दे रही है। दो माह पूर्व छोटेलाल वर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उनपर ब्राह्मण समाज के एक बाहुबली की चोटी काटने और ठाकुर समाज के लोगों पर गोलियां चलाने की बात कहने का आरोप लगा था। वीडियो वायरल होने के बाद सवर्ण समाज मे छोटेलाल का विरोध है और वर्तमान विधायक का टिकट कटने की संभावना से उनके समर्थकों में भी काफी रोष है।

ग्रामीण विधानसभा से संभावित प्रत्याशी पूर्व मेयर अंजुला माहौर
ग्रामीण विधानसभा से संभावित प्रत्याशी पूर्व मेयर अंजुला माहौर

ग्रामीण में जबरदस्त विरोध

प्रबल सूत्रों के अनुसार आगरा ग्रामीण विधानसभा से वर्तमान भाजपा विधायक भी आंतरिक सर्वे में फेल हुई हैं। यहां से जातिगत आधार पर कुशवाह समाज के वोटरों के लिए उनका टिकट काटने पर विचार हो रहा है। यहां से संभावित प्रत्याशी के रूप में पूर्व मेयर और राज्यमंत्री अंजुला सिंह माहौर का नाम सामने आ रहा है। यहां से पूर्व हाथरस जिले के सांसद प्रभु दयाल कठेरिया अपने या अपने पुत्र के लिए टिकट मांग रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान वो शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं और प्रधानमंत्री को मंच से ही टिकट न मिलने पर टिकट काटने के लिए लड़ने की धमकी दे चुके हैं।

भाजपा के पुराने कार्यकर्ता और पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने सोशल मीडिया पर 38 साल से पार्टी से जुड़े होने की बात कहते हुए अंजुला माहौर को टिकट देने का विरोध जताया है और युवा कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में दिक्कत व पार्टी को अटल व कल्याण वाली पार्टी न होने की बात कही है। टिकट किसी को भी मिले इस सीट पर कार्यकर्ताओं का विरोध करना बिल्कुल तय माना जा रहा है।

खेरागढ़ से संभावित प्रत्याशी भगवान सिंह कुशवाह
खेरागढ़ से संभावित प्रत्याशी भगवान सिंह कुशवाह

खेरागढ़ में पैराशूट का विरोध

आगरा की खेरागढ़ विधानसभा से वर्तमान में भाजपा के महेश गोयल विधायक हैं। यहां संभावित प्रत्याशी के रूप में बसपा से भाजपा में आये भगवान सिंह कुशवाह की दावेदारी प्रबल मानी जा रही है। वर्तमान में वायरल लिस्ट में भी उनका नाम सामने आया है। शुक्रवार को पैराशूट प्रत्याशी के विरोध में भाजपा के विधानसभा प्रभारी समेत मंडल अध्यक्षों को बंधक बनाया गया और पैराशूट प्रत्याशी का पुतला फूंका गया है। कार्यकर्ता जबरदस्त विरोध में हैं। यहां अच्छी खासी संख्या रखने वाले त्यागी ब्राह्मण समाज के प्रत्याशी को दरकिनार किये जाने के बाद समाज ने भाजपा का विरोध करने का ऐलान भी किया हुआ है, जबकि यह वोटर हमेशा भाजपा के साथ ही रहता है और जातिगत आंकड़ों में जीत दिलाने में कारगर साबित होता है।

फतेहपुरसीकरी विधान सभा से संभावित प्रत्याशी हैं चौधरी बाबूलाल
फतेहपुरसीकरी विधान सभा से संभावित प्रत्याशी हैं चौधरी बाबूलाल

सीकरी में जाट फैक्टर

फतेहपुरसीकरी विधानसभा से वर्तमान विधायक राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह का टिकट काटकर पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल को मिलने की संभावना है। यहां रालोद के टिकट पर ब्रजेश चाहर भी जाट समाज के हैं। जाट बाहुल्य इस सीट पर जाट वोट बंटने से इंकार नहीं किया जा सकता है, संभावित प्रत्याशी पूर्व में पनवारी कांड के चलते दलित समाज के विरोध का पात्र है और वैश्य समाज के कार्यकर्ताओं में भी खासा विरोध है।

आगरा कैंट विधानसभा से वर्तमान विधायक डॉ जीएस धर्मेश लड़ सकते हैं चुनाव
आगरा कैंट विधानसभा से वर्तमान विधायक डॉ जीएस धर्मेश लड़ सकते हैं चुनाव

आगरा कैंट में दलित कार्यकर्ता विरोध में

आगरा कैंट विधानसभा से राज्यमंत्री जी एस धर्मेश की टिकट फाइनल मानी जा रही है। पूर्व में उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के इस सीट से लड़ने की संभावना थी पर चुनाव समिति में शामिल किए जाने के बाद अब टिकट जीएस धर्मेश के पाले में आ गयी है। बसपा छोड़कर भाजपा में आये गुटियारी लाल दुबेश बसपा से इस सीट पर एक बार बसपा से विधायक रह चुके हैं और यहीं से दावेदारी कर रहे भाजपा के पुराने नेता अशोक पिप्पल भी जाटव समाज में जबरदस्त पकड़ रखते हैं। गुटियारी लाल दुबेश को मनाना प्रत्याशी के लिए मुश्किल जो रहा है और साथ ही जनता का विरोध भी लगातार सामने आ रहा है।

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