पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Agra
  • Uttar Pradesh,  Animal Friendly Id, Agra , The Goat Was Sacrificed By Cutting The Cake With The Photo Of The Goat, Helping The Poor With The Remaining Money

आगरा में एनिमल फ्रेंडली ईद:बकरे की फोटो लगा केक काटकर दी कुर्बानी, बोले बचे पैसों से गरीबों की मदद करेंगे

आगरा3 दिन पहले

ताजनगरी आगरा में वंदे मातरम यूथ ब्रिगेड द्वारा एनिमल फ्रेंडली ईद मनाते हुए बकरे के फोटो लगा केक काटकर कुर्बानी दी गयी। शाहगंज क्षेत्र के निवासी गुलचमन शेरवानी ने इस साल भी बकरीद पर परिजनों व रिश्तेदारों को केक खिलाया। उन्होंने कहा कि बकरे की कीमत के पैसों से हम गरीबों को शाकाहारी भोजन करवाएंगे और गरीब कन्या की शादी में मदद करेंगे। यही हमारी सच्ची ईद और इबादत होगी।

गुलचमन पिछले कई वर्षों से एनिमल फ्रेंडली ईद मनाते हैं। वो अपने संगठन योगी यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं और परिवार के साथ बकरे की फ़ोटो लगा केक काटकर ईद मनाते हैं और बकरा न खरीदकर बचे पैसों से जरूरतमंदों की मदद करते हैं।

परिवार के सदस्यों के साथ केक काटकर ईद मनाते गुलचमन।
परिवार के सदस्यों के साथ केक काटकर ईद मनाते गुलचमन।

गरीबों की मदद करके भी मनाई जा सकती है ईद

गुलचमन शेरवानी का कहना है कि जीव हत्या गलत है। ईद पर सबसे पहले नमाज़, फिर खैरात और जकात की जाती है। गरीबों की मदद करके भी ईद मनाई जा सकती है। बकरे की कुर्बानी के बाद उसका ज्यादातर हिस्सा गरीबों में बांटा जाना चाहिए पर आज लोग अपनी रईसी दिखाने को महंगे बकरे खरीदकर कुर्बानी करते हैं और गोश्त को रिश्तेदारों को देते हैं और बाकी खुद खाते हैं। यह धर्म के खिलाफ है।

गुलचमन ने बकरीद पर कुर्बानी के लिए यह केक बनवाया था। इस पर लिखा था कि जीव हत्या महापाप है।
गुलचमन ने बकरीद पर कुर्बानी के लिए यह केक बनवाया था। इस पर लिखा था कि जीव हत्या महापाप है।

बचपन में वंदेमातरम गाने पर पिता से घर से निकाल दिया था

बता दें कि गुलचमन शेरवानी की कहानी बहुत रोचक है। इन्हें बचपन से ही तिरंगे और वंदे मातरम गीत से प्यार है। गुलचमन के अनुसार बचपन मे वंदेमातरम गाने पर पिता ने घर से निकाल दिया। खाला ने अपने पास रखा और यहां भी वंदेमातरम के चलते मुस्लिम समाज में उनका बहिष्कार हो गया।अब वो मस्जिद में नमाज भी नहीं पड़ने जा सकते हैं। कई वर्ष पूर्व उन्होंने दिल्ली की जामा मस्जिद के इमाम समेत आठ मुस्लिम धर्मगुरुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर दीवानी स्थित भारत माता की प्रतिमा पर भूख हड़ताल कर दी थी। भूख हड़ताल तो खत्म हो गई पर कार्यवाही न होने पर आज भी गुलचमन अनाज नहीं खाते हैं। इनके दो बच्चे हैं और खास बात है कि एक का जन्मदिन 15 अगस्त और दूसरे का 26 जनवरी है। इनका घर तिरंगे के रंग में रंगा है और उसका नाम तिरंगा मंजिल है। पूरा परिवार ज्यादातर तिरंगे के रंगों वाले कपड़े ही पहनता है।

खबरें और भी हैं...