भाजपा नेत्री की गिरफ्तारी के लिए पीएम से शिकायत की:बैंक मैनेजर ने सुसाइड से पहले अपनी अपनी सास पर प्रताड़ना का वीडियो बनाया था

आगरा2 महीने पहले
मृतक हिमांशु और प्रतीक्षा गुप्ता की फरवरी 2021 में शादी हुई थी।

आगरा के एक होटल में बैंक मैनेजर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था। युवक ने अपनी सास (भाजपा नेत्री) को जिम्मेदार बताया था। मुकदमा दर्ज हुए 2 महीने का समय हो गया। इसके बाद भी आरोपियों की अभी तक गिरफ्तार नहीं हुई। बैंक मैनेजर के भाई ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के को ट्वीट करके न्याय मांगा है। पुलिस जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कह रही है।

आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत अंश होटल है। जिसमें 22 दिसंबर 2021 को हिमांशु कुमार(30) ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। वह बिहार के गोपालगंज का रहने वाला था। सुसाइड करने से पहले एक वीडियो बनाकर वायरल किया था। वीडियो में उसने अपनी सास मिर्जापुर महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष श्वेता दीक्षित, ससुर प्रदीप गुप्ता, पत्नी प्रतीक्षा गुप्ता और साले सर्वेश गुप्ता को मौत का जिम्मेदार बताया था।

मृतक के भाई ने ट्वीट कर न्याय की मांग की है
मृतक के भाई ने ट्वीट कर न्याय की मांग की है

पिता प्रदीप प्रसाद ने बताया, "यूपी में कई बार प्रयास करने पर भी बेटे की सास श्वेता दीक्षित के दबाव के चलते एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रही थी। इसके बाद बिहार में गोपालगंज के एसपी के आदेश पर वहां जीरो एफआईआर दर्ज कर थाना ताजगंज आगरा को ट्रांसफर किया गया। 22 जुलाई 2022 को ताजगंज थाने में चारों पर मुकदमा दर्ज किया गया।"

भाई ने ट्वीट कर लगाई गुहार
मृतक के भाई प्रियांशु कुमार वैभव ने पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी पुलिस, डीजीपी यूपी और आगरा पुलिस को भाई का अंतिम वीडियो ट्वीट किया। मुकदमा दर्ज हुए दो महीने बाद भी कार्रवाई न होने की शिकायत की है। शिकायत के जवाब में आगरा पुलिस ने सुबूत इकट्‌ठा करने की बात कहा है।

भाई प्रियांशु कुमार वैभव ने बताया, "हिमांशु की शादी 2021 में मिर्जापुर के खोया मंडी मुकेरी बाजार कोतवाली कटरा निवासी श्वेता गुप्ता से हुई थी। हिमांशु भदोही जिले में एक्सिस बैंक में नौकरी कर रहा था। वहीं एक रिश्तेदारी की शादी में सास श्वेता गुप्ता ने बातचीत कर रिश्ता पक्का किया था।

आरोपी भाजपा नेत्री श्वेता गुप्ता
आरोपी भाजपा नेत्री श्वेता गुप्ता

"शादी के बाद से बनाया घर जमाई बनने का दबाव"
प्रियांशु कुमार वैभव ने बताया, "शादी के बाद से ही श्वेता गुप्ता ने हिमांशु को घर जमाई बनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। श्वेता लगातार हिमांशु पर घर जमाई बनने का दबाव बनाने लगी। हिमांशु ने दबाव में आकर नौकरी छोड़ दी। 8 महीने तक उसने परिवार संभालने का प्रयास किया। इसके बाद उसने पटना में एचडीएफसी बैंक में मैनेजर के पद पर नौकरी ज्वाइन की। सास-ससुर और साले ने फिर दबाव बनाना शुरू कर दिया। वो चाहते थे की पत्नी को मिर्जापुर मायके में रखकर नौकरी करें। शनिवार और रविवार मिर्जापुर आकर रहें।"

"39 दिन में अत्याचार के तोड़ दिए रिकॉर्ड"
वैभव ने बताया की अपनी बेटी को खुद अपने साथ वापस ले जाकर सास ने मिर्जापुर कोतवाली में पूरे परिवार पर दहेज मांगने का आरोप लगाकर मुकदमा लिखा दिया। इसके बाद जब पूरा परिवार 26 नवम्बर को अपनी बेगुनाही की जानकारी देने कोतवाली आये तो 50 लोगों के साथ कोतवाली के अंदर घुस कर पूरे परिवार को पीटा गया। हमारी सुनवाई तो दूर बचाया भी नहीं गया।

रोजाना हमारे किसी न किसी रिश्तेदार के यहां श्वेता गुप्ता जाकर हंगामा करने लगी। बात यहीं खत्म नहीं हुई, श्वेता गुप्ता पुलिस और गुर्गों के साथ उनके गांव कटैया बिहार आ गयीं। पिता प्रदीप प्रसाद उमर को घर पर बुरी तरह पीटा गया। उन्हें उठा कर मिर्जापुर ले जाया जा रहा था तो उसी समय पिता जी चकमा देकर भाग गए। यह घटना पेट्रोल पंप के सीसीटीवी में कैद हो गयी। लगातार हंगामे के चलते भाई हिमांशु ने एचडीएफसी की नौकरी छोड़ दी और आगरा आकर फरारी काटने लगा। इस दौरान अवसाद में आकर उसने आत्महत्या कर ली।

भले ही पुलिस दबाव में काम कर रही है पर हम भी सोच कर बैठे हैं की सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे और उसे सजा दिला कर रहेंगे। इस महिला ने एक अच्छे खासे खुशहाल परिवार को आठ महीने में बर्बाद कर दिया।