आगरा यूनिवर्सिटी के कॉलेज में बोल-बोलकर कराई नकल:मथुरा के कॉलेज में BSC जूलॉजी के छात्रों को टीचर ने बोल-बोलकर कराई नकल; देखें VIDEO

आगरा:5 महीने पहले
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की बात कही जा रही है, लेकिन नकल माफिया उससे एक कदम आगे हैं। बहुत से सेल्फ फाइनेंस कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने सीसीटीवी कैमरों को बंद कर रखा है या फिर उनका कोड बदल दिया है।

डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में नकल माफिया बेखौफ हैं। विश्वविद्यालय की सख्ती के बाद भी परीक्षा में बोल-बोलकर नकल कराई जा रही है। इसका खुलासा तब हुआ जब विश्वविद्यालय की बीएससी द्वितीय वर्ष की परीक्षा में नकल कराने का वीडियो सामने आया। नकल करवाने जो वीडियो सामने आया है वह मथुरा के बलदेव स्थित एक कॉलेज का बताया जा रहा है।

विश्वविद्यालय के नकल रोकने के दावों की खुली पोल
डॉ.बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा नकल विहीन परीक्षा कराने के दावे किए गए थे। परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से करने की बात कही गई थी। मगर, विश्वविद्यालय के यह दावे खोखले साबित हो रहे हैं। वायरल हो रहा वीडियो मथुरा के बलदेव स्थित श्रीमती लीला देवी कॉलेज का बताया गया है। वीडियो में बीएससी द्वितीय वर्ष के जूलॉजी के पेपर में एक कक्ष में छात्रों को बोल-बोलकर नकल कराई जा रही है।

कक्ष निरीक्षक बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर बोलकर बता रहा है। परीक्षा के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वहीं, ग्राम प्रधान ने भी कॉलेज में नकल के लिए 3-3 हजार रुपए वसूलने का आरोप लगाया है। रुपए न देने वाले छात्रों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत भी की है।

विश्वविद्यालय कराएगा जांच
वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के पीआरओ प्रदीप श्रीधर का कहना है कि वीडियो के विषय में कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को जानकारी दी गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की बात कही जा रही है, लेकिन नकल माफिया उससे एक कदम आगे हैं। बहुत से सेल्फ फाइनेंस कॉलेज ऐसे हैं जिन्होंने सीसीटीवी कैमरों को बंद कर रखा है या फिर उनका कोड बदल दिया है, जिससे विश्वविद्यालय अपने कंट्रोल रूम से उनकी निगरानी नहीं कर पा रहा है।

सचल दल की गाड़ी में फेंक दिए थे रुपए
27 जुलाई को सचल दल ने जलेसर स्थित ममता डिग्री कॉलेज में छापा मारा था। यहां पर सचल दल को हल किया हुआ प्रश्न पत्र मिला था। इसका वीडियो भी बनाया गया थी। जब सचल दल कार्रवाई कर लौट रहा था तो उनको रुपए का लिफाफा देकर मामला रफा-दफा करने का प्रयास किया था। इंकार करने पर लिफाफा उनकी कार में फेंक दिया गया था। इस संबंध में सचल दल ने कुलपति को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। वहीं, बौहरे नरायण सिंह आर्य महाविद्यालय बलदेव में भी नकल की सूचना पर कार्रवाई की गई थी।

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