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आगरा....जिलामुख्यालय पर हंगामा:नाला निर्माण की मांग पूरी न होने पर धरने पर बैठे ग्रामीण, अर्धनग्न होकर लगाई लोट ,बोले - हमारा प्रशासन झूठा है

आगराएक महीने पहले
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नाला निर्माण की मांग को लेकर जिलामुख्यालय में अर्धनग्न होकर लोट लगाता ग्रामीण - Dainik Bhaskar
नाला निर्माण की मांग को लेकर जिलामुख्यालय में अर्धनग्न होकर लोट लगाता ग्रामीण

आगरा के मलपुरा कस्बा के धनौली क्षेत्र में नाला निर्माण की मांग को लेकर 64 दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सैकड़ों की संख्या में आये ग्रामीण इस बार आश्वासन को न मानकर काम शुरू न होने तक वहीं डटे रहने की बात कह रहे हैं। खबर लिखे जाने तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत कर मामला खत्म करने के प्रयास जारी थे।

ग्रामीणों ने किया लोट लगाकर प्रदर्शन
ग्रामीणों ने किया लोट लगाकर प्रदर्शन

बता दें कि आगरा के मलपुरा कस्बा के धनौली क्षेत्र में कई वर्षों से नाले की दीवार टूट जाने के कारण जल भराव की समस्या है। सालों से यहां विकास कार्यों की मांग की जा रही है। 64 दिन से ग्रामीण लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। जिलाधिकारी प्रभुनारायण सिंह से लेकर ब्लॉकप्रमुख तक ग्रामीणों को निर्माण का आश्वासन दे चुके हैं पर अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। क्षेत्रीय विधायक ने सोमवार को पैसों के लालच में दुसरे दलों की शह पर धरना करने और समाधि लेने का आरोप लगाकर उन्हें और आक्रोशित कर दिया है।

सैकड़ों ग्रामीणों ने की जमकर नारेबाजी
सैकड़ों ग्रामीणों ने की जमकर नारेबाजी

लेट- लेट कर ग्रामीणों की नारेबाजी

मंगलवार को जिलामुख्यालय पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पाहुँच गए। हमारा प्रशासन झूठा है जैसे नारों के साथ ग्रामीणों ने अर्द्धनग्न होकर लोट लगाना शुरू कर दी। तीन घंटे तक प्रदर्शन के बाद एडीएम सिटी अंजनी कुमार समेत तमाम अधिकारियों से उनकी वार्ता शुरू हो पाई। आश्वासन मिलने के बाद भी ग्रामीण बिना काम के वहां से हटने को तैयार नहीं है।

भारी संख्या में महिलाये जिलामुख्यालय में लेट गयीं
भारी संख्या में महिलाये जिलामुख्यालय में लेट गयीं

प्रशासन के फूले हाथ पैर

प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया की 22 करोड़ रुपया स्वीकृत हो चुका है और 28 करोड़ रुपये और आने हैं। पाँच लोग कल जिलाधिकारी के पास मिलने आइये, पर ग्रामीणों का कहना है की इस तरह कई बार आश्वासन मिल चुका है और अब हम काम शुरू होने से पहले नहीं जाएंगे। खबर लिखे जाने तक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने के प्रयास में जुटे हुए थे। किसान नेता सावित्री चाहर का कहना है की जब मांग जायज है तो सिर्फ आश्वासन क्यों मिल रहा है। जैसे ठण्ड में वहां गांव में धरने पर बैठे हैं ,वैसे ही यहाँ भी बैठे रहेंगे।

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