चम्बल और यमुना में आया उफान, बाढ़ का खतरा:चम्बल में जलस्तर 124 मीटर पर पहुंचा, यमुना हुई लबालब, अलर्ट जारी

आगरा5 महीने पहले
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चम्बल में जल स्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा सताने लगा है। - Dainik Bhaskar
चम्बल में जल स्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा सताने लगा है।

आगरा में एक तरफ यमुना और दूसरी ओर चम्बल, दोनों तरफ से बाढ़ का खतरा मड़रा रहा है। यमुना में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं चम्बल में जलस्तर पर बढ़ने पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। 8 बाढ़ चौकियां बना दी गई हैं। तटवर्ती गांवों में मुनादी कराई जा रही है। राजस्थान और मध्यप्रदेश में बारिश के चलते चंबल का जलस्तर बढ़ गया है। गांधी सागर बांध, राणा प्रताप सागर बांध तथा जवाहर सागर बांध से भारी मात्रा में जल निकासी की गई है। इससे कोटा बैराज पर पानी का दबाव बढ़ता देख मंगलवार को 13 गेट खोल दिए गए हैं। तीन बार में करीब 5 लाख क्यूसेक पानी चंबल नदी में छोड़ा गया है। भारी बारिश होने पर पार्वती, पूनम, काली सिंध सहित अन्य नदियों का पानी चंबल में आ रहा है। चम्बल में पानी का उफान देखते हुए तटवर्ती इलाकों के दर्जनों गांव में अलर्ट जारी किया गया है। पिनाहट क्षेत्र में 8 बाढ़ चौकियां स्थापित कर तटवर्ती गांव के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की गई है। पिनाहट घाट पर 124 मीटर जल स्तर पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 130 मीटर है।

पिनाहट में बाढ़ से नहर पम्प की सुरक्षा के लिए दीवार का कराया जा रहा निर्माण।
पिनाहट में बाढ़ से नहर पम्प की सुरक्षा के लिए दीवार का कराया जा रहा निर्माण।

पम्पिंग स्टेशन पर दीवार का कराया जा रहा निर्माण
वर्ष 2019 में चंबल में बाढ़ आने से बाह के 38 गांव में भारी नुकसान हुआ था। इस बार बाढ़ की आशंका को देखते हुए पिनाहट घाट पर प्रशासन निगरानी कर रहा है। प्रशासन ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए चौकियां स्थापित कर निगरानी के लिए लेखपालों की ड्यूटी लगा दी है। पिनाहट, उसेथ घाट पर स्टीमर का संचालन बंद करा दिया गया है। वहीं पिनाहट घाट स्थित पंप हाउस की बिल्डिंग के ऊपरी गेट पर दीवार खड़ी की जा रही है। पंप हाउस के अंदर रखी करोड़ों रुपए की मशीनें पानी में डूब न जाएं, इस कारण तेजी से यहां निर्माण चल रहा है। चम्बल में जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव रेहा, कछियारा, डगौंरा, बरैण्डा, क्योरी, उमरेठापुरा, जैवरा, गुर्जा शिवलाल, डाल का पुरा, गुढा, रानीपुरा, भटपुरा आदि गांवों के लोग चिंतित हैं।

आगरा में यमुना भी हुई लबालब। लगातार बढ़ रहा जल स्तर।
आगरा में यमुना भी हुई लबालब। लगातार बढ़ रहा जल स्तर।

यमुना में जल स्तर 491.90 फीट पहुंचा, बढ़ा खतरा
इधर, यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ताज महल के आसपास यमुना लबालब दिखाई दे रही है। नगला पैमा समेत दर्जनों तटवर्ती गांवों लोगों को बाढ़ का खतरा सतरा रहा है। पिछली बार वर्ष 1978 में यमुना में बाढ़ आई थी।

हथिनी कुंड से एक-दो दिन के अंतराल से छोड़े जा रहे पानी से यमुना का जलस्तर दिल्ली और मथुरा के बाद अब आगरा में बढ़ता जा रहा है। यमुना से सटे गांवों के लोगों को प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के चलते यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच गया है। अधिशासी अभियंता सौरभ गिरी के अनुसार फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर 491.90 फीट पर है।

गोकुल बैराज से छोड़ा गया पानी आगरा में पहुंचने पर यमुना का जलस्तर 493 फीट तक जा सकता है। ऐसे में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आगरा में यमुना में खतरे का निशान 495 फीट है। शहरी क्षेत्र में दयालबाग, बल्केश्वर आदि क्षेत्र में दर्जनों मकान डूब क्षेत्र में बने हुए हैं, उनमें रह रहे लोग डरे हुए हैं।