बाढ़ से बचाव के लिए बनेगा कंट्रोल रूम:अलीगढ़ की 2 तहसीलों के 25 गांव होते हैं प्रभावित, 24 घंटे कर्मचारी करेंगे ड्यूटी

अलीगढ़एक महीने पहले
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बाढ़ नियंत्रण के लिए अधिकारियों को निर्देश देते डीएम इंद्र विक्रम सिंह - Dainik Bhaskar
बाढ़ नियंत्रण के लिए अधिकारियों को निर्देश देते डीएम इंद्र विक्रम सिंह

मानसून प्रदेश में दस्तक दे चुका है और कई जिलों में बुधवार को बारिश भी हुई है। बारिश की शुरूआत होते ही प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण के लिए भी काम शुरू कर दिया गया है। बाढ़ पर नजर रखने के लिए जिले में भी कंट्रोल रूम की स्थापना की जाएगी।

डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बुधवार को निर्देश दिए कि जिले में बाढ़ कंट्रोल रूम की तत्काल स्थापना की जाए, जिसस कि बारिश के दौरान आमजनों को परेशानी से बचाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी रहेगी। जिसे रोस्टर के अुनसार तय किया जाएगा।

जिले के 25 गांवों में आती है परेशानी

अलीगढ़ जिले के अंदर से कोई भी नदी होकर नहीं गुजरती है। गंगा और यमुदा नदियां भी पड़ोसी जिलों से ही गुजरती हैं। लेकिन बार्डर से सटे गांवों में बारिश के दौरान बाढ़ की परेशानी आती है। इसमें बुलंदशहर सीमा से सटे अतरौली और खैर तहसीलों के गांव इससे प्रभावित होते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बारिश के दिनों में अतरौली के 13 गांवों में बाढ़ का खतरा रहता है। वहीं खैर तहसील के 12 गांवों में इसकी परेशानी आती है। जिसके बाद डीएम ने निर्देश दिए कि बारिश के दौरान अधिकारी एलर्ट रहें और आमजनों को किसी तरह की परेशानी न होने दी जाए।

सीएम ने ली थी अधिकारियों की क्लास

पूरे प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश के अधिकारियों की बैठक ली थी। जिसमें उन्होंने बाढ़ प्रबंधन के लिए अधिकारियों को विभिन्न दिशा निर्देश दिए। जिसके बाद डीएम ने जिला स्तर पर अधिकारियों की बैठक ली।

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से जुड़े संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में आपात स्थिति के लिये पर्याप्त रिजर्व स्टॉक का एकत्रीकरण कर लिया जाए। इन स्थलों पर प्रकाश और जरूरत के उपकरणों का भी प्रबंध रहना चाहिए। इसके साथ सभी सभी बाढ़ सुरक्षा समितियों को सक्रिय कर दिया जाए।

इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिले के तटबंधों का निरीक्षण करा लिया जाए। सिंचाई एवं जल संसाधन, गृह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सिंचाई एवं जल संसाधन, खाद्य एवं रसद, राजस्व एवं राहत कृषि, राज्य आपदा प्रबन्धन, रिमोट सेन्सिंग प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय से कार्य करते हुए बाढ़ नियंत्रण के तैयार रहा जाए।

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