प्रदेश के 14 जिलों में लगेगी कोरोना की नई वैक्सीन:कोविशील्ड व को-वैक्सीन के बाद अब जायडस कम्पनी की जायकोव-डी वैक्सीन करेगी कोरोना से रक्षा

अलीगढ़एक वर्ष पहले
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अलीगढ़ वासियों को मिलेगी कोरोना की नई वैक्सीन की डोज - Dainik Bhaskar
अलीगढ़ वासियों को मिलेगी कोरोना की नई वैक्सीन की डोज

कोरोना महामारी से बचाव के लिए अब कोविशील्ड और को-वैक्सीन के साथ लोगों को जायकोव-डी का टीका लगाया जाएगा। महामारी से बचाव के लिए जायडस कैडिला कंपनी ने जायकोव-डी नाम की यह तीसरी वैक्सीन तैयार की है, जो जल्दी ही लोगों को लगाई जाएगी। पहले चरण में पूरे प्रदेश के 14 जनपदों में लोगों को इस वैक्सीन की डोज लगाई जाएगी, जिसमें अलीगढ़ जिला भी शामिल है। इसके साथ ही राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर जैसे बड़े जिलों में भी आमजनों को इस तीसरी वैक्सीन की डोज दी जाएगी। जिससे कि लोगों को महामारी से बचाया जा सके।

14 जिलों के 11.06 लाख लोगों को लगेगी डोज

प्रदेश सरकार ने पहले चरण में 14 जिलों में इस तीसरी वैक्सीन को लगाने का निर्णय लिया है। इसमें लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद और सहारनपुर जनपद के कुल 11.06 लाख लोगों को यह वैक्सीन लगाई जाएगी। शासन स्तर पर इसकी सारी योजना तैयार कर ली गई है और सभी जिले के जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शासन की ओर से गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है। इस वैक्सीन को लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को अलग से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे कि वह बिना किसी परेशानी के लोगों को टीका लगा सकें।

अब लोगों को लेने होंगे वैक्सीन के 3 डोज

अभी तक महामारी से बचाव के लिए लोगों को को-वैक्सीन और कोविशील्ड के डोज ही दिए जा रहे थे। लोगों को इन दोनों वैक्सीन के दो डोज लेने होते थे। लेकिन इस तीसरी वैक्सीन के लोगों को 3 डोज लेने होंगे। 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को यह वैक्सीन लगार्इ जाएगी। पहला टीका लगने के बाद बाकी के दोनों डोज 28-28 दिन के अंतराल में लगाए जाएंगे। यानी 56 दिन बाद वैक्सीन के तीनों डोज पूरे हो जाएंगे।

बिना सुई चुभे लग जाएगी वैक्सीन

जायडस कैडिला की कोरोन वैक्सीन पहली पालस्मिड डीएनए वैक्सीन है, जिसमें बिना सुई चुभाए ही लोगों को टीका लगाया जा सकेगा। यह वैक्सीन फार्माजेट तकनीक से लोगों को लगाई जाएगी। डायकोव-डी पहली ऐसी वैक्सीन है, जिसमें शरीर में इंजेक्शन चुभाने की जरूरत नहीं पड़ेगर। बिना सुई वाले इंजेक्शन में डॉक्टर दवा भरेंगे। फिर उसे एक मशीन में वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति की बांह पर लगाया जाएगा। मशीन में एक बटन लगा होगा, जिसे दबाने के साथ ही दवा शरीर के अंदर पहुंच जाएगी। डॉक्टरों की माने तो इससे इंफेक्शन का खतरा भी काफी कम होगा।

डब्ल्यूएचओ की टीम देगी प्रशिक्षण

सूबे के 14 जिलों में 11.06 लाख लोगों को कुल 33.20 लाख डोज तीनों चरण में लगाई जाएगी। शासन की ओर से सभी चयनित जिलों को यह डोज आवंटित कर दी गई है। फार्माजेट तकनीकी के जरिए यह वैक्सीन लगाई जानी है। इसलिए हर जिले में दो फार्माजेट उपलब्ध कराई जाएगी और इसे चलाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की टीम के जरिए इन स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे कि वह वैक्सीन लगाने का तरीका सीखकर आमजनों को इसका फायदा दे सकें।

कोल्ड स्टोरेज की जरूरत नहीं

कोरोना की कोविशील्ड और को-वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता था और इसके लिए हर जिले में केंद्र बनाए गए थे। जहां इन दोनों वैक्सीन को ठंडे तापमान पर सुरक्षित स्टोर किया जाता था। लेकिन इस वैक्सीन के लिए इसकी कोई जरूरत नहीं है। सीएमओ डॉ आनंद उपाध्याय के अनुसार जायकोव-डी को करने के लिए बेहद कम तापमान चाहिए। इसकी थर्मास्टेबिलिटी भी दोनों वैक्सीन से काफी अच्छी है। यानी इसके लिए क्लोट चेन, स्टोरेज की परेशानी नहीं आएगी। जिससे वैक्सीन की बर्बादी भी कम होगी। जायकोव-डी पालमिस्ट आधारित डीएनए है। इस वजह से ही इसे 2 से 8 डिग्री के तापमान में रखा जा सकता है।

जनपद - लाभार्थियों की संख्या - जायकोव-डी डोज

लखनऊ - 35,500 - 1,00,600

कानपुर नगर - 1,34,100 - 4,02,420

मेरठ - 67,000 - 2,01,220

मुरादाबाद - 50,300 - 1,50,910

आगरा - 1,34,100 - 4,02,420

अलीगढ़ - 67,000 - 2,01,220

अयोध्या - 35,500 - 1,00,600

आजमगढ़ - 35,500 - 1,00,600

बरेली - 67,000 - 2,01,220

गाजियाबाद - 35,500 - 1,00,600

प्रयागराज - 2,01,200 - 6,03,640

सहारनपुर - 50,300 - 1,50,910

वाराणसी - 1,00,600 - 3,01,820

सीएमओ बोले - जल्दी मिलेगी वैक्सीन

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आनंद उपाध्याय ने बताया कि शासन ने जायकोव-डी वैक्सीन की सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जल्दी ही सूबे के 14 जनपदों में यह वैक्सीन भेजी जाएगी और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों के जरिए आमजनों का टीकाकरण किया जाएगा। जिससे कि महामारी से लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।