फसलों को बचाने के लिए बनेंगे खेत तालाब:अलीगढ़ में डीएम ने जल संरक्षण की बैठक कर अधिकारियों को दिए निर्देश

अलीगढ़8 महीने पहले
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कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेती जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी - Dainik Bhaskar
कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की बैठक लेती जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी

बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान को बचाने के लिए खेत तालाब काफी कारगर हैं। सरकार इसके लिए किसानों को सब्सिडी भी दे रही है। इसलिए सरकार की योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाया जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने शनिवार को जिला भूमि जल संरक्षण समिति की बैठक में दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों की बैठक ली और विभिन्न कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जांची। इस दौरान बताया गया कि तेज बारिश के कारण खेतों में अक्सर पानी भर जाता है, जिससे फसलों को काफी नुकसान होता है।

लेकिन, किसान अपनी भूमि में खेत तालाब बनाते हैं, तो स्थिति से बच सकते हैं। इसके साथ ही तालाब में बारिश का जल संरक्षित होने से उन्हें सिंचाई के लिए भी ट्यूबवेल या नहर के पानी पर कम आश्रित रहना पड़ेगा। इसलिए ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ लें और ऑनलाइन आवेदन करें।

अधिकारियों ने बताई प्रगति रिपोर्ट

बैठक में डीएम ने कहा कि जनपद में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा ऊसर व बिना उपजाऊ भूमि को पुनर्जीवित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसलिए किसान भूमि संरक्षण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेकर अपनी कृषि भूमि में सुधार कर सकते हैं।

जिला भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ निधि राठौर ने बीते साल में हुए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा खेत तालाब योजना के अन्तर्गत आवंटित लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया गया है।

पिछले साल हुआ चार तालाबों का निर्माण

जिला भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि 2.10 लाख रूपए की धनराशि से 4 तालाबों का निर्माण कराया गया है। इसी प्रकार मनरेगा योजना में 38610 मानव दिवस सृजित कर नाला पुनरुद्धार के तहत 79 लाख रूपए की धनराशि से 11 नालों का पुनरूद्धार कराया गया है। उन्होंने बैठक में वर्ष 2021-22 में प्रस्तावित कार्यों के अनुमोदन के लिए डीएम के समक्ष कार्य योजना भी प्रस्तुत की।

जिसमें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में खेत तालाब, पंडित दीनदयाल किसान समृद्धि योजना में बीहड़ सुधार, मनरेगा योजना में नाला पुनरुद्धार, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वाटर सैड प्रोजेक्ट फॉर रेन वाटर हार्वेस्टिंग एंड लैंड डेवलपमेंट और नमामि गंगे योजना के अंतर्गत भूमि संरक्षण कार्य शामिल हैं। बैठक में बैठक के दौरान विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।

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