अलीगढ़...एटा के कारोबारी के शरीर से मिली तीन गोलियां:संदीप गुप्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा, हत्यारों को अभी तक नहीं पकड़ पाई पुलिस

अलीगढ़5 महीने पहले
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घटना के दूसरे दिन घटना स्थल के आसपास के दुकानदारों से पूछताछ करती पुलिस। - Dainik Bhaskar
घटना के दूसरे दिन घटना स्थल के आसपास के दुकानदारों से पूछताछ करती पुलिस।

अलीगढ़ में एटा के कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या करने के लिए हमलावरों ने .32 बोर के हथियार का इस्तेमाल किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। संदीप गुप्ता को तीन गोलियां लगी थी। जिसमें एक गोली उसके सिर (कनपटी) पर, दूसरी गोली सीने पर और तीसरी गोली उसके कंधे पर लगी थी। सिर में लगी गोली के कारण व्यापारी की मौत हुई थी। जिसके बाद पुलिस ने अब आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।

तीन गोली पुलिस को सौंपी

पोस्टमार्टम टीम की माने तो कारोबारी पर कई गोलियां चलाई गई, जिसमें से तीन ने उसकी जान ले ली। जबकि अन्य गोलियां शरीर और आसपास के हिस्सों को मामूली घायल करते हुए बाहर निकल गई। पोस्टमार्टम टीम ने कारोबारी के शव से तीन गोलियां बरामद की हैं, जिसमें सिर से गोलियों के दो टुकड़े मिले हैं। एक गोली छाती से मिली है और एक कपड़ों में फंसी हुई मिली, जो पुलिस को सौंप दी गई हैं। मृतक के कई गोली लगी थी, एक दाहिनी कोख से ऊपर कंधे की ओर निकल गई। एक दाहिने कान की ओर से लगकर बाये कान की ओर से निकल गई। यह सभी गोलियां पिस्टल से चली बताई जा रही हैं।

प्रोफेशनल किलर ने दिया था वारदात को अंजाम

27 दिसंबर को हत्यारों ने कुछ ही देर के अंदर कारोबारी की हत्या कर दी थी। उसके बाद मौके से फरार हो गए। उन्होंने कार के बाहर से ही कारोबारी संदीप गुप्ता पर गोलियां चलाई और गोलियां फार्चूनर कार के शीशे को भेदते हुए व्यापारी के जा लगी, जिसके कारण उनकी मौत हुई। जिसके बाद पुलिए भी यह मान रही है कि घटना को अंजाम देने वाले हमलावर प्रोफेशनल थे। उन्हें कारोबारी की हत्या करने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ भेजा गया था। इसके साथ ही उन्होंने हत्या के लिए ऑटोमैटिक और बेहतर हथियारों का इस्तेमाल किया। जिससे कि व्यापारी के बचने के कोई चांस न रह जाएं।

पुलिस की गिरफ्त से अब भी दूर हैं हमलावर

हत्याकांड के 24 घंटे पूरे होने वाले हैं, लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ में कोर्इ भी ठोस सबूत नहीं मिला है। वहीं सीसीटीवी कैमरों से भी पुलिस को कोर्इ खास सफलता नहीं मिल सकी है। जिसके बाद अधिकारी भी किसी तरह का बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं। अधिकारियों की जांच टीम सुबह से ही हमलावरों की तलाश के लिए अपनी पड़ताल में जुट गई, लेकिन वह खाली हाथ ही रहे और उनके हाथ कुछ भी नहीं लग सका।

घटना स्थल का अधिकारियों ने की पूछताछ

गांधी आई हॉस्पिटल के सामने हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद मंगलवार को सीओ प्रथम राघवेंद्र सिंह, सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने अपनी टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया और आसपास के दुकानदारों से पूछताछ भी की। लेकिन दुकानदारों ने उन्हें सिर्फ इतना ही बताया कि अचानक यह घटनाक्रम हुआ और भगदड़ मच गई। जिससे वह हमलावरों को ठीक से देख नहीं सके।

पुलिस को मिली गाड़ी में नंबर प्लेट में निकली फर्जी

हत्यारों ने घटना के लिए नीले रंग की बलेनो कार का इस्तेमाल किया था। जिसके वह हरदुआगंज के आगे जंगल में छोड़कर फरार हो गए हैं। यह गाड़ी चोरी की बताई जा रही है और इस पर हरियाणा का नंबर पड़ा हुआ है। जिसके बाद पुलिस गाड़ी नंबर से इसके मालिक से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, जिससे पता चल सके कि यह गाड़ी कब और कहां से गायब हुई थी।

पल पल की जा रही थी व्यापारी की रेकी

सूत्रों की माने तो कारोबारी की हत्या का षड़यंत्र काफी पहले रचा जा चुका था और पल पल उसकी रेकी की जा रही थी। वह दोपहर में एटा से अलीगढ़ आया था और इसके बाद उसे शाम को लौटकर वापस एटा जाना था। एटा से निकलने और अलीगढ़ आने के दौरान उसकी पल पल की हरकतों पर नजर रखी जा रही है। कारोबारी जब डीआईजी से मिलने गया और उनसे मिलकर आया, इस दौरान भी उसकी रेकी की जा रही थी। जिसके बाद रामघाट रोड पर गांधी आई हॉस्पिटल के सामने इस घटना को अंजाम दे दिया गया।

पुलिस का दावा, जल्दी होगा खुलासा

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पुलिस की कई टीमें घटना की जांच में जुटी हुई हैं और हमलावरों के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्दी ही पुलिस हमलावरों तक पहुंच जाएगी और घटना का खुलासा किया जाएगा।

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