अलीगढ़ आने वाले अब होंगे 7 दिन कोरंटाइन:कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग हुआ एलर्ट

अलीगढ़10 महीने पहले
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अलीगढ़ जिले में बाहर से आने वाले लोग अब 7 दिन के लिए होंगे कोरंटाइन - Dainik Bhaskar
अलीगढ़ जिले में बाहर से आने वाले लोग अब 7 दिन के लिए होंगे कोरंटाइन

अलीगढ़ में अब बाहर से आने वाले लोगों को 7 दिन तक कोरंटाइन किया जाएगा। इसके साथ ही उनके सैंपलिंग की जाएगी। कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अब एलर्ट हो गया है और फोकस सैंपलिंग की गतिविधियों को भी तेज कर दिया है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक जगहों पर भी शिविर लगाकर लोगों के कोविड के सैंपल लिए जाएंगे। जिससे कि आम जनों को महामारी से सुरक्षित रखा जा सके। अधिकारियों ने बताया कि कोरोना संक्रमण की अब रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन अभी इसका खतरा खत्म नहीं हुआ है। फोकस सैम्पलिंग के दौरान लिए जाने वाले सैंपल की सूचना पोर्टल पर अंकित करते समय सैंपल का सोर्स एवं केस टाइप भी अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा।

शिक्षण संस्थानों में लिए जाएंगे सैंपल

सीएमओ डॉ आनंद उपाध्याय ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। इसके साथ ही आमजनों को भी जागरुक किया जा रहा है कि वह मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकलें। क्योंकि महामारी की संभावित तीसरी लहर खतरनाक हो सकती है। उन्होंने बताया कि स्कूल, कालेज, डिग्री कालेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों में आने वाले विद्यार्थियों की सैंपलिंग की तैयारी की जा रही है। इसके तहत सभी संस्थानों में रैंडम चयन करके बच्चों के सैंपल लिए जाएंगे। कई इलाकों में सैंपल लेने शुरू किए जा चुके हैं, जिससे महामारी को फैलने से रोका जा सके।

वृंदावन में संक्रमित मिलने के बाद एलर्ट हुआ विभाग

कोरोना का नया वैरिएंट पहले से सात गुना ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। वहीं वृंदावन में एक विदेशी महिला सहित तीन लोगों के संक्रमित होने की खबर आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में शासन की गाइड लाइन को सख्ती के साथ लागू कर दिया है। सीएमओ ने बताया कि शासन से फोकस सैंपलिंग का निर्देश मिला है। जिसके चलते टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मेडिकल कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज सहित अन्य कॉलेजों एवं शैक्षणिक संस्थानों में सैंपल लेने जाएगी। अभी फिलहाल जिले में अब एक भी पॉजिटिव केस नहीं है। उन्होंने कहा कि अब रैंडम सैंपलिंग के साथ ही फोकस सैंपलिंग कर मरीजों का पता लगाया जाएगा ताकि जल्द से जल्द पहचान कर संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि जगहों पर लोगों के सैंपल के साथ ही अस्पतालों में भी जांच की संख्या बढ़ाई जा रही है।

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