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अलीगढ़ में कब्रिस्तान की दीवार गिराने पर विवाद:पार्क बनाने के नाम पर जल निगम ने गिराई बाउंड्री वॉल, नाराज मुस्लिम पक्ष ने किया हंगामा; प्रशासन से दोनों पक्षों को शांत कराया

अलीगढ़3 महीने पहले
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एडीएम सिटी का कहना है कि दोनों पक्षों को बैठाकर समझौता कराया गया है और मामले की जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों की ओर से दिखाए जाने वाले दस्तावेजों की भी जांच हो रही है। जिसके बाद इस मामले में फैसला दिया जाएगा। - Dainik Bhaskar
एडीएम सिटी का कहना है कि दोनों पक्षों को बैठाकर समझौता कराया गया है और मामले की जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों की ओर से दिखाए जाने वाले दस्तावेजों की भी जांच हो रही है। जिसके बाद इस मामले में फैसला दिया जाएगा।

अलीगढ़ के स्वर्ण जयंती नगर में कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल गिराने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर गरमागर्मी हुई और मामला काफी बढ़ गया। जिसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन ने दोनों पक्षो को बैठाकर मामला शांत कराया।

दरअसल, क्वार्सी थाना क्षेत्र के स्वर्ण जयंती नगर में स्थित कब्रिस्तान की जमीन का विवाद काफी पहले से चल रहा है। शुक्रवार को जल निगम ने पार्क बनाने के नाम पर कब्रिस्तान की दीवार गिरा दी। जिसके बाद मुस्लिम समुदाय के करीब 400 लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और विरोध करने लगे। उस समय मौके पर पहुंची पुलिस ने यह कहकर मामला शांत करवा दिया कि कब्रिस्तान की दीवार दोबारा बनवा दी जाएगी।

सुबह दीवार बनाने पर फिर हुआ हंगामा
पुलिस का आश्वासन मिलने के बाद शनिवार सुबह 10 बजे मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान की दीवार फिर से बनवानी शुरू कर दी। इसका पता जैसे ही दूसरे समाज के लोगों को चला तो बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। दूसरे पक्ष का कहना था कि यह जमीन कब्रिस्तान की नहीं एक किसान की है। यहां पार्क बनाया जाएगा। इसलिए दीवार दोबारा उठाने की कोई जरूरत नहीं है। जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए और निर्माण रोक दिया।

सपा-भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने
मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा प्रवक्ता निशित शर्मा और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। वहीं दूसरे समुदाय की ओर से मेयर मो. फुरकान, सपा के पूर्व विधायक जमीर उल्लाह, सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशाक, समेत बड़ी संख्या में सपाई पहुंच गए। जिस पर भाजपा प्रवक्ता और सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ता देख एडीएम सिटी राकेश मालपानी, एसपी सिटी कुलदीप गुनावत, सिटी मजिस्ट्रेट सहित भारी पुलिस पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बीच बचाव किया।

अधिकारियों के सामने चार घंटे चली पंचायत
दो समुदायों के आमने-सामने आने की बात जैसे ही प्रशासन को चली एडीएम सिटी राकेश मालपानी, एसपी कुलदीप गुनावत, सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम, समेत विभिन्न आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के लोगों को बैठाकर शांति वार्ता शुरू की। अधिकारियों के सामने भी दोनों पक्ष आपस में भिड़ते रहे और 4 घंटे तक यह वार्ता चलती रही। अधिकारियों ने 23 अगस्त को इस मामले में फैसला लेने की बात कहकर दोनों पक्षों को शांत कराया है।

पहले भी कई बार हो चुका है हंगामा
स्वर्ण जयंती नगर में स्थित खाली भूमि को मुस्लिम समाज के लोग अपना कब्रिस्तान बताते हैं। जबकि एक दूसरा किसान वर्ग इसे अपनी जमीन बताता है। जिसके चलते पहले भी जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद होता रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब मुस्लिम समुदाय के लोग संबंधित जगह पर शव दफनाने पहुंचे थे तब भी क्षेत्रीय लोगों ने इसका विरोध कर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने दूसरे कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक कराया था।

एडीएम सिटी का कहना है कि दोनों पक्षों को बैठाकर समझौता कराया गया है और मामले की जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों की ओर से दिखाए जाने वाले दस्तावेजों की भी जांच हो रही है। जिसके बाद इस मामले में फैसला दिया जाएगा। तब तक के लिए यथा स्थिति बना दी गई है और लोगों से भी शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की गई है।