हिंदु धर्मगुरुओं को मौलानाओं से लेनी चाहिए सीख:महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती ने दिया बयान, बोली हत्यारों का भी साथ देते हैं मुस्लिम धर्मगुरु

अलीगढ़9 महीने पहले
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महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती अपने बयानों के कारण एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। - Dainik Bhaskar
महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती अपने बयानों के कारण एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।

निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती अपने बयानों के कारण एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। उन्होंने हिंदु धर्म गुरुओं को मुस्लिम मौलानाओं से सीख लेने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हिंदु धर्म गुरुओं को मुस्लिम धर्म गुरुओं से सीख लेनी चाहिए। क्योंकि वह अपने धर्म के लोगों का खुलकर समर्थन करते हैं और उनका साथ लेते हैं। लेकिन हिंदु धर्मगुरु संघर्ष करने वाले हिंदुओं का भी साथ नहीं देते हैं। उनके इस बयान के बाद वह फिर चर्चा में आ गई हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंन हिजाब को लेकर बयान दिया था और पूरे देश में समान नागरिकता संहिता कानून बनाने की मांग की थी।

बम धमाकों के दोषियों की पैरवी पर दिया बयान

हिंदू जागरण पदयात्रा समाप्त करने के बाद महामंडलेश्वर डॉ अन्नपूर्णा भारती (पूजा शकुन पांडेय) व अखिल भारत हिंदू महासभा की पदाधिकारी अलीगढ़ पहुंची और उन्होंने अहमदाबाद बम कांड के 38 दोषियों को मृत्युदंड और 11 को आजीवन कारावास की सजा पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह फैसला इस्लामिक जिहादियों के हाथों से मारे गए निर्दोष हिन्दुओं और उनके परिवारजनों के जख्मो पर मरहम लगाने वाला है। लेकिन उन्होंने न्यायायल के इस फैसले के बाद जमीअत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के आए बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत सरकार को जमीअत उलेमा ए हिन्द को आतंकवादी संगठन घोषित करके इसके कर्ताधर्ताओ को जेल भेजना चाहिये। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम धर्मगुरुओं का संगठन है। यह संगठन भारत में आतंकवादी घटना करने वाले हर जिहादी का मुकदमा लड़ता है। अपने राजनैतिक संबंधों, अपने गुंडों की ताकत और धनबल का प्रयोग करके न्यायपालिका की कमजोरियों का लाभ उठाते हुए ज्यादातर जिहादियों को सजा से बचा लेता है।

हिंदुओं से एकजुट होने की करी अपील

अन्नपूर्णा भारती ने कहा कि न्यायालय के इस फैसले के बाद जमीअत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में जाने की बात कही है। एक ओर यह इस्लामिक धर्म गुरु हैं जो हत्यारों का भी खुलकर समर्थन करते हैं। दूसरी ओर हिंदु धर्मगुरु हैं जो संघर्ष करने वालों का भी साथ नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज के धर्मगुरुओं से इनसे कुछ शिक्षा लेनी चाहिए और अनुरोध किया कि वह भी संघर्ष करने वाले युवाओं का साथ दें। इसके साथ ही उन्होंने समाज से आह्वान किया कि ऐसे धर्मगुरुओं का बहिष्कार करना चाहिए जो आज समाज में हत्यारों का साथ दे रहे हैं और उन्हें बचाने के लिए उनकी पैरवी कर रहे हैं।

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