देर रात छापेमारी कर पकड़ी यूरिया की कालाबाजारी:डीएम के आदेश पर नामित मजिस्ट्रेट ने मारा छापा, गोदाम किया सील, होगी FIR

अलीगढ़एक महीने पहले
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डीएम के आदेश पर देर रात अधिकारियों ने पिसावा की फर्म पर की छापेमारी - Dainik Bhaskar
डीएम के आदेश पर देर रात अधिकारियों ने पिसावा की फर्म पर की छापेमारी

अलीगढ़ में यूरिया की कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अधिकारियों ने देर रात पिसावा की एक फर्म पर छापेमारी की। डीएम के निर्देश पर नामित मजिस्ट्रेट ने अन्य अधिकारियों के साथ फर्म में पहुंचकर जांच की और काफी गड़बड़ियां पाई।

अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन के दौरान पाया कि फर्म के गोदाम में काफी माल ऐसा है, जिसकी कोई लिखा पढ़ी नहीं है और न ही तो यह ऑनलाइन पोर्टल पर नजर आ रहा है। जिसके बाद जांच अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम को सील कर दिया है।

डीएम को लगातार मिल रही थी शिकायत

अलीगढ़ के पिसावा में यूनिया उवर्रकों के अवैध भंडारण, दुरप्रयोग और इसकी कालाबाजारी की शिकायतें लगातार जिलाधिकारी को मिल रही थी। जिसके बाद डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को तत्काल मामले की जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

डीएम के निर्देश पर नामित मजिस्ट्रेट संदीप चौधरी, जिला कृषि अधिकारी डॉ राम प्रवेश, एसआई रवि वर्मा ने संयुक्त रूप से पिवासा के फर्म मालिक पवन गोयल की गोयल ट्रेडर्स पर छापेमारी की। तीनों अधिकारी देर रात फर्म पर पहुंचे और सारे दस्तावेजों और गोदाम में मौजूद उर्वरकों की जांच शुरू कर दी। जिसमें काफी गड़बड़ी मिली।

दुकान में गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों ने गोदाम को सील कर दिया है।
दुकान में गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों ने गोदाम को सील कर दिया है।

बिना रिकॉर्ड किया था अवैध भंडारण

जिला कृषि अधिकारी डॉ रामप्रवेश ने बताया कि एफएमएस के पोर्टल पर गोयल ट्रेडर्स की आईडी पर 46.89 मीट्रिक टन यूरिया प्रदर्शित हो रही थी। भौतिक सत्यापन में सिर्फ 27.99 मीट्रिक टन यूरिया ही पाया गया। यानी दुकान में ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुरूप 18.9 मीट्रिक टन यूरिया कम पाया गया।

इसके अलावा भौतिक सत्यापन के दौरान 14.265 मीट्रिक टन कृभको कंपनी की यूरिया पाई गई। जबकि एफएमएस के पोर्टल पर कृभको कंपनी का कोई भी उर्वरक दर्ज नहीं किया गया था। इससे यह सिद्ध हो गया कि गोयल ट्रेडर्स द्वारा कृभको कंपनी की यूरिया का अवैध भंडारण किया जा रहा था।

फर्म का स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर, स्टॉक बोर्ड और रेट बोर्ड भी नहीं बना था। उर्वरक और बीज के बिल भी नहीं उपलब्ध कराए गए। उर्वरकों के 8 और बीज के 3 नमूने लिए गए, जिसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके साथ ही दुकान में अवैध रूप से रखे सभी उर्वरकों को दुकान के अंदर ही सील कर दिया गया है।

आरोपी फर्म मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।

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