भीख मांगने वालों का होगा सर्वे, बनेगा राशन कार्ड:आपूर्ति विभाग तैयार करेगा रिकॉर्ड, सम्मान और राशन के साथ इनके बच्चों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा

अलीगढ़2 महीने पहले
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हर जिले में भीख मांगने वालों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जिसके बाद इनके राशन कार्ड बनाए जाएंगे और योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। - Dainik Bhaskar
हर जिले में भीख मांगने वालों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जिसके बाद इनके राशन कार्ड बनाए जाएंगे और योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

मंदिर, मस्जिद, फुटपाथ और सड़क किनारे भीख मांगने वालों का अब रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। आपूर्ति विभाग की टीम इनका सर्वे करेगी और फिर इनका रिकॉर्ड तैयार करेगी। भीख मांगने को मजबूर लोगों का आंकड़ा जुटाने के बाद आपूर्ति विभाग इनके राशन कार्ड बनाएगा।

राशन कार्ड बनाने के साथ इन सभी को मुफ्त राशन भी मुहैया कराया जाएगा। जिससे कि लोगों के साथ हाथ फैलाने के बजाय भीख मांगने वाले लोग भी सम्मान का जीवन यापन कर सकें। इनके परिवार के सदस्यों की संख्या के अनुसार इन्हें भी राशन दिया जाएगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और जल्दी ही सर्वे शुरू हो जाएगा।

प्रदेश में 65 हजार से ज्यादा हैं भिखारी

विभागीय अधिकारियों की माने तो पूरे प्रदेश में भिक्षावृत्ति करने वालों की संख्या लगभग 65 हजार से ज्यादा हैं। जो सड़क किनारे, धार्मिक स्थान, फुटपाथ, पार्क और विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगते हुए नजर आ जाते हैं। इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। भिक्षावृत्ति करने वाले पुरुषों की संख्या लगभग 42 हजार और महिलाओं की संख्या 23 हजार से ज्यादा है। अब जिले वार इनके आंकड़े जुटाए जाएंगे और इनका रिकॉर्ड भी ऑनलाइन किया जाएगा। जिससे कि इनकी वास्तविक संख्या का पता लगाया जा सके।

शहर के साथ निकाय व गांवों में भी जाएगी टीम

भीख मांगने वालों का सर्व करने के लिए विभाग की टीम शहरी क्षेत्रों के साथ ही नगर निकाय, ब्लाक, तहसील और ग्रामीण इलाकों में भी जाकर रिकॉर्ड तैयार करेगी। मंदिरों और धार्मिक स्थानों में लोगों से बातचीत करके इनकी जानकारी जुटाई जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद भिक्षावृत्ति करने वाले सभी लोगों का प्रवासी मजदूरों की तरह ही राशन कार्ड बनाया जाएगा। राशन कार्ड बनाने के साथ ही इनकी सारी जानकारी जुटाई जाएगी और फिर इन्हें आधार कार्ड व अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।

बच्चे जाएंगे स्कूल, वयस्कों को मिलेगा काम

भीख मांगने वालों का श्रम विभाग की सहायता से श्रमिक कार्ड बनाया जाएगा। जिससे कि उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा सके और रोजगार भी उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ रुपए के आभाव में अपने माता पिता के साथ भीख मांगने को मजबूर बच्चों को स्कूल भेजा जाएगा। इन बच्चों को बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा। जिससे यह बेहतर शिक्षा हासिल करके हुए भविष्य में सफलता हासिल कर सकें।

सुविधाओं से पहले हर जानकारी होगी ऑनलाइन

आपूर्ति विभाग भीख मांगने वालों का सर्वे करेगा। जिसके बाद जिला स्तर पर रिकॉर्ड तैयार होगा और फिर इसे निदेशालय और शासन को भेज दिया जाएगा। इसमें भीख मांगने वाले व्यक्ति और उसके परिवार से जुड़ी हर एक जानकारी होगी।

इसमें अधिकारी यह देखेंगे कि भीख मांगने वाला व्यक्ति व उसका परिवार जिले में कब से रह रहे हैं। एक जिले में वह कितने समय से हैं और इससे पहले किस जिले में थे। उनके द्वारा बताई जाने वाली जानकारियों का भी अधिकारी सत्यापन करेंगे। जिसके बाद उन्हें सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।

पहचान छिपाकर रहने वाले होंगे पर्दाफाश

सरकार की इस योजना से जहां एक ओर रोजगार, शिक्षा, आवास, जैसी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं जिले में नाम और पहचान बदलकर रहने वाले लोगों की भी पहचान उजागर होगी। जिसके बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।

पिछले वर्ष अलीगढ़ में कई बांग्लादेशी मूल के रोहिग्या गिरफ्तार किए गए थे। यह लंबे समय से पहचान बदलकर जिले में रह रहे थे और अलीगढ़ जिले में छिपे हुए थे। ऐसे ही विभिन्न जिलों में इस तरह के लोगों का भी इस योजना से पर्दाफाश हो सकेगा। जिसके बाद इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

जिला आपूर्ति अधिकारी एसके पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जल्दी ही योजना के तहत सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार करके इसे शासन को भेजा जाएगा।

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