घर जाओ, कोरोना आने वाला है:अलीगढ़ की नुमाइश में कोरोना का डर नहीं, रात 11 बजे पुलिस ने बंद कराई दुकानें, तब लौटे लोग

अलीगढ़9 महीने पहले
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रात 11 बजे के बाद भी लोग नुमाइश में बेफिक्र होकर घूमते नजर आए। - Dainik Bhaskar
रात 11 बजे के बाद भी लोग नुमाइश में बेफिक्र होकर घूमते नजर आए।

घर जाओ, कोरोना आने वाला है। अलीगढ़ की नुमाइश में शनिवार रात पुलिस पहुंची तो ऐसा ही सुनने को मिला। इससे पहले करीब 500 लोगों की भीड़ बिना मास्क लगाए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए जुटी थी। नाइट कर्फ्यू का समय शुरू होते ही पुलिस-प्रशासन ने लोगों को वापस लौटाना शुरू कर दिया। दुकानें और झूले बंद कराने शुरू कर दिए।

नुमाइश में उमड़ रही हजारों लोगों की भीड़

अलीगढ़ की विख्यात नुमाइश को जिले वासियों में जबरदस्त क्रेज रहता है और लोग हर साल इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं। नुमाइश के 142 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक ही साल में लोगों को दो बार नुमाइश का आनंद लेने को मिला है। हर साल नुमाइश फरवरी के महीने में लगाई जाती थी, लेकिन 2022 में विधानसभा चुनावों को देखते हुए पहली बार प्रशासन की ओर से दिसंबर में ही नुमाइश शुरू कर दी। जिसके बाद नुमाइश में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है और लोग अपने परिवार के साथ यहां पहुंच रहे हैं।

रात 11 बजे के बाद नुमाइश में दुकान बंद कराते अधिकारी।
रात 11 बजे के बाद नुमाइश में दुकान बंद कराते अधिकारी।

न मास्क, न दिखी सोशल डिस्टेंसिंग

आम लोगों में कोरोना के प्रति जागरुकता को देखने के लिए दैनिक भास्कर ने नुमाइश का जायजा लिया। इस दौरान नुमाइश में आने वाले लोग पूरी तरह से बेपरवाह नजर आए। कुछ एक लोगों को छोड़ दिया जाए तो न तो किसी के मुंह पर मास्क था और न ही लोग सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रख रहे थे। नुमाइश लोगों की भीड़ से खचाखच भरी हुई थी और दुकानों में खरीददारी के लिए लोग एक के ऊपर एक टूट रहे थे। झूले और नुमाइश में होने वाले कार्यक्रमों में भी लोग इसी तरह से शामिल हो रहे थे। ऐसे में अगर कोई संक्रमित व्यक्ति नुमाइश में आता है तो कोरोना का संक्रमण कई गुना तेजी से बढ़ने का खतरा है।

कोहिनूर के कार्यक्रम देखने के लिए आते हैं लोग

अलीगढ़ महोत्सव (नुमाइश) के कोहिनूर मंच पर हर दिन बॉलीवुड का तड़का लगता है और इसमें बॉलीवुड और मुंबई के जाने माने कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देते हैं। टीवी के सीरियल कलाकारों से फिल्म कलाकार और जाने माने गायक इस मंच पर अपनी प्रस्तुतियां देते हैं। जिन्हें देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग नुमाइश में आते हैं। इस दौरान लोगों की भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन को कई बार हल्के बल का प्रयोग भी करना पड़ता है। इस साल भी इस मंच पर कई जानी मानी हस्तियां अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी हैं और आने वाले दिनों में प्रस्तुतियां देंगी। जिसके चलते लोग महामारी के डर को पीछे छोड़ते हुए नुमाइश में शामिल होने आ रहे हैं।

रात 11 बजे के बाद अधिकारियों ने बंद कराए झूले।
रात 11 बजे के बाद अधिकारियों ने बंद कराए झूले।

सिर्फ 11 बजे के बाद सख्ती ही काफी

ओमिक्रॉन के संकट को देखते हुए शासन ने रात्रि कर्फ्यू की व्यवस्था को दुबारा लागू कर दिया है। जिसके चलते रात होते ही लोगों को नुमाइश से वापस लौटाना शुरू कर दिया जाता है। लेकिन सिर्फ रात में सख्त होने से क्या महामारी के संकट को रोका जा सकता है, यह इस व्यवस्था पर सवालिया निशान है। दिसंबर माह में रात होते ही सर्द हवाएं शहर को आगोश में ले लेती हैं और आम आदमी घर से बाहर निकलने में झिझकता है। लेकिन नुमाइश का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा फैलने की सबसे ज्यादा आशंका बनी रहती है।

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