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अलीगढ़...सुभाषचंद्र बोस के नाम का पत्थर तोड़ने पर हंगामा:सुभाष चौक पर स्मार्ट सिटी के तहत चल रहा है काम, नगर निगम ने पत्थर तोड़कर फेंका, तो फूटा लोगों का गुस्सा

अलीगढ़2 महीने पहले
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घंटाघर स्थित सुभाष चौक पर महापुरुषों के नाम का पत्थर तोड़ने के बाद हुए हंगामे के बाद लोगों से बातचीत करती एसीएम अंजुम बी - Dainik Bhaskar
घंटाघर स्थित सुभाष चौक पर महापुरुषों के नाम का पत्थर तोड़ने के बाद हुए हंगामे के बाद लोगों से बातचीत करती एसीएम अंजुम बी

अलीगढ़ में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नाम का पत्थर तोड़कर सड़क पर फेंकने के विरोध में लोगों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने स्मार्ट सिटी के तहत चल रहा काम रुकवा दिया और पत्थर तोड़कर कूड़े में फेंकने का जमकर विरोध किया। हंगामे की सूचना मिलने पर मौके पर एसीएम अंजुम बी और गांधीपार्क इंस्पेक्टर बंधीधर पांडेय मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन हंगामा काफी देर तक जारी रहा। लोगों का कहना था कि स्मार्ट सिटी के नाम पर नगर निगम ने महापुरुषों के गरिमा के साथ खिलवाड़ किया है।

सामाजिक संस्था ने बनवाई थी चौक

अलीगढ़ के घंटाघर चौराहे के नजदीक स्थित सुभाष चौक का निर्माण सरकारी खर्चे से नहीं हुआ है। लोगों ने बताया कि इस चौक का निर्माण सामाजिक संस्था अहिंसा फाउंडेशन ने कराया था। स्मार्ट सिटी के तहत इस चौक का भी सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, इस बात की सभी को खुशी है। लेकिन महापुरुषों के नाम का पत्थर और संस्थान के द्वारा किए गए कार्यों के उल्लेख वाले पत्थर को इस तरह से तोड़कर फेंकना गलत है। घटना की जानकारी मिलने पर अहिंसा फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश सक्सेना समेत संस्था के विभिन्न लोग भी मौके पर पहुंच गए और घटना का विरोध किया।

लिखित आश्वासन के बाद माने लोग

संस्था के पदाधिकारियों की नाराजगी इस बात पर थी कि तोड़फोड़ करने से पहले प्रशासन की ओर से उन्हें सूचना क्यों नहीं दी गई। इसके बाद महापुरुषों के नाम लिखे पत्थर को तोड़कर महापुरुषों का अपमान किया गया। जिसके बाद एसीएम अंजुम बी ने उन्हें आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य शुरू होने पर सारे पत्थरों को वैसे ही स्थापित किया जाएगा, जैसे वो पहले थे। इसके साथ ही जो पत्थर टूट गए हैं, उन्हें नया बनवाकर लगवाया जाएगा। इसके बाद स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने लिखित में इस बात को स्वीकार किया, जिसके बाद मामला खत्म हो सका।

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