प्रयागराज में कोरोना का कहर:HC के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल की संक्रमण से मौत; 24 घंटे में 1,295 रोगी मिले, एक्टिव केस की संख्या 9 हजार के पार

प्रयागराज7 महीने पहले
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विकास चंद्र त्रिपाठी पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के भतीजे थे।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
विकास चंद्र त्रिपाठी पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के भतीजे थे।- फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बीते 24 घंटे में सोमवार को 1,295 नए मरीज बढ़े। लखनऊ और वाराणसी के बाद सबसे अधिक मरीज जिले में सामने आए हैं। इसके बाद जिले में एक्टिव केस की संख्या 9,273 हो गई। एक दिन में सोमवार को 15 संक्रमितों की मौत हो गई। मृतकों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल विकास त्रिपाठी भी शामिल हैं। तबियत बिगड़ने पर उन्हें प्रयागराज से लखनऊ PGI में भर्ती करवाया गया था। जहां उनकी सुबह मौत हो गई। विकास चंद्र त्रिपाठी पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी के भतीजे थे।

बता दें कि प्रयागराज में अब तक 483 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। अब तक जिले में 29,958 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश में आज 24 घंटे में 13,685 नए कोविड केस मिले। 72 रोगियों की मौत हुई है। लखनऊ में आज 3,892 और वाराणसी में 1,417 संक्रमित मिले हैं।

27 मार्च को खराब हुई थी तबियत

विकास त्रिपाठी 65 साल के थे। उन्हें 27 मार्च को खांसी-जुकाम और बुखार की शिकायत हुई थी। उन्होंने जांच करवाई तो रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसके बाद उनका इलाज प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में हुआ। लेकिन उनकी तबियत में यहां कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 8 अप्रैल को उन्हें परिवार वालों ने लखनऊ के PGI में भर्ती करवाया गया। सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई।

त्रिपाठी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से जुड़े रहे थे। वे अधिवक्ता परिषद प्रयागराज के संस्थापक सदस्य थे। हाल ही में प्रयागराज के पूर्व सांसद श्यामाचरण गुप्ता की भी कोरोना के चलते मौत हो गई थी।

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