कोरोना का खौफ:प्रतापगढ़ में एक हिंदू महिला को नहीं मिले चार कंधे, गांव वालों ने घर के बाहर JCB से गड्ढा खोद दफना दिया शव

प्रतापगढ़6 महीने पहले

कोरोना वायरस ने इंसानी दुनिया में भूचाल ला दिया है। इंसानियत, मानवता, फर्ज, रिश्ते-नाते जैसे शब्द किताबी हो चुके हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में सामने आया है। यहां एक हिंदू महिला की नेचुरल डेथ के बाद उसके शव की बेकदरी की गई। कोरोना के खौफ से गांव वालों ने JCB मशीन मंगवाकर महिला के शव को कथरी (धोती जोड़कर बनने वाला बिस्तर) सहित गड्ढे में फेंक दिया। इसके बाद उसे दफन कर दिया गया।

बहन ने पति के आने के बाद अंतिम संस्कार करने की कही थी बात

यह पूरा मामला कुंडा थाना क्षेत्र के उगापुर गांव का है। गांव निवासी रजवंता यादव (60 साल) के पति राम शरण यादव की मौत एक साल पहले हो चुकी है। वह अपने मायके में रहती थी और कोई औलाद भी नहीं थी। माता-पिता की भी मौत हो चुकी है। उसका कोई अब अपना नहीं था। उसकी देखरेख के लिए उसकी बहन यशोदा उसके साथ रहती थी। रजवंता को दमा की बीमारी थी। मंगलवार की रात उनकी मौत हो गई।

इसके बाद गांव वालों ने मृतका की बहन यशोदा से अंतिम संस्कार के बारे में पूछा कि उनका अंतिम संस्कार कहां किया जाए? खेत में या गंगा घाट पर। मगर मृतका की बहन ने कहीं ले जाने से इनकार किया। कहा कि पति और लड़के जालंधर पंजाब में मजदूरी करते हैं। वह जब आ जाएंगे, तब हम अंतिम संस्कार करेंगे। गांव वालों ने बताया कि शव से दुर्गंध आ रही है। वैसे भी गांव में 2 लोग कोरोना से मर गए हैं।

CO और SDM कर रहे मामले की जांच

इसके बाद गांव वालों ने कोरोना महामारी के भय से मृतक के शव को उसी के हिस्से पर घर के सामने JCB से गड्ढा खोदवाकर आपत्तिजनक तरीके से दफन करवा दिया। इस घटना की सूचना न तो मृतक के बहन न ही किसी गांव वाले की तरफ थाने पर दी गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जानकारी SDM कुंडा और CO कुंडा को मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। मृतक की बहन आदि का बयान दर्ज किया गया। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। इस प्रकरण की SDM और CO कुंडा द्वारा संयुक्त जांच की जा रही है।

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