प्राइमरी शिक्षक ट्रांसफर मामला:इलाहाबाद हाईकोर्ट की योगी सरकार के फैसले पर मुहर; टीचर्स दोबारा तबादले के लिए नहीं कर सकते आवेदन, महिलाओं को रियायत

प्रयागराजएक वर्ष पहले
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हाईकोर्ट ने योगी सरकार के फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा कि, जिन टीचर्स का एक बार तबादला हो चुका है वे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते हैं। हालांकि विशेष परिस्थितियों में यह नियम लागू नहीं होगा। - Dainik Bhaskar
हाईकोर्ट ने योगी सरकार के फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा कि, जिन टीचर्स का एक बार तबादला हो चुका है वे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते हैं। हालांकि विशेष परिस्थितियों में यह नियम लागू नहीं होगा।
  • 16 अक्टूबर को पूरी हुई थी सुनवाई, आज कोर्ट ने सुनाया फैसला
  • पति से दूर रहकर नौकरी करने वाली महिला टीचर्स तबादले के लिए दोबारा आवेदन कर सकती हैं

प्राथमिक शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले के मामले में मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम निर्णय दिया है। हाईकोर्ट ने योगी सरकार के फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा कि, जिन टीचर्स का एक बार तबादला हो चुका है वे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते हैं। हालांकि विशेष परिस्थितियों में यह नियम लागू नहीं होगा। हाईकोर्ट ने महिलाओं को रियायत दी है। पति से दूर रहकर नौकरी करने वाली महिला टीचर्स तबादले के लिए दोबारा आवेदन कर सकती हैं।

16 अक्टूबर को पूरी हुई थी सुनवाई

यह आदेश दिव्या गोस्वामी और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अजीत कुमार की बेंच ने सुनाया है। यह आदेश दिव्या गोस्वामी और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अजीत कुमार की बेंच ने सुनाया है। बता दें कि हाईकोर्ट ने तबादलों पर रोक लगा रखी थी। इस मामले में 16 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी की थी। जिसके बाद सिंगल बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

आज आने वाले इस फैसले पर सभी प्राथमिक शिक्षकों की नजर थी। 54 हजार से ज्यादा शिक्षकों का एक से दूसरे जिले में तबादला होना है। इसके लिए एक लाख से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया था। बेसिक शिक्षा परिषद शिक्षकों के अंतर जिला तबादले की सूची 22 अक्टूबर को जारी करने की तैयारी थी।

याचियों ने लगाया था ये आरोप
दरअसल याचियों ने आरोप लगाया था कि पुरुष और महिला शिक्षकों के तबादले के लिए निर्धारित नियमों, पूर्व के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। तबादला 2008 की नियमावली के विपरीत हो रहा है। नई तबादला नीति कहती है कि एक बार जिस शिक्षक ने तबादला ले लिया है, वह दोबारा नहीं ले सकता। जबकि 2007 के शासनादेश में ऐसा प्राविधान नहीं था, जिसे 2018 में हटा लिया गया था। अब 2019 में शासनादेश में फिर से वही प्राविधान लागू कर दिया गया है। जिन शिक्षकों को पूर्व में अपने गृह जिले में नियुक्ति नहीं मिली उनको दोबारा तबादला की मांग करने का अधिकार है। इससे उन्हें वंचित नहीं रखा जा सकता है। नियमावली में बदलाव करने का कोई कारण नहीं बताया गया है।

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