दुकानदारों की मनमानी से हो रही टैक्स चोरी:अंबेडकरनगर में छोटे से लेकर बड़े दुकानदार पक्की बिल देने में करते है आनाकानी

अंबेडकरनगर6 दिन पहले
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अंबेडकरनगर में सेल टैक्स विभाग की मनमानी के चलते जिला मुख्यालय सहित जिले भर के सैकड़ों दुकानदार टैक्स की चोरी कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ये दुकानदार अपनी मनमानी करते हुए और आम जनता को लूटते हुए सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। दुकानदार लोगों से सामान तो बेचते हैं, लेकिन बिल नहीं देते। जबकि किसी भी वस्तु की खरीद पर ग्राहक को पक्की रसीद देना है।

छोटे से लेकर बड़े दुकानदार पक्की बिल देने में करते है आनाकानी
जिले में छोटे से लेकर बड़े दुकानदार कोई भी पक्का बिल नही देना चाहता है। स्थिति ये है कि किराना दुकानदार, ट्रेडर्स, हार्डवेयर, जनरल स्टोर्स, सर्राफा, लोहा, सीमेंट, कपड़ा, केमिस्ट तक के ज्यादातर दुकानदार ग्राहकों को पक्का बिल नहीं देते। जिले में कई बड़ी दुकानें ऐसी हैं, जिनका प्रतिदिन का व्यापार लगभग 50 हजार से लेकर लगभग 5 लाख रूपए तक का होता है।

जिले के दुकानदार कागज की सफेद पर्चियों पर खरीदी गई वस्तु का हिसाब-किताब लगाकर पैसे लेते हैं। ज्यादा हुआ तो दुकान की बिल बुक छपवाकर बिना टिन नंबर के बिल ग्राहकों को थमा दिया जाता है।

विकास कार्यों में टैक्स चोरी कर मालामाल हो रहे ठेकेदार
जिले में कई ठेकेदार ऐसे भी हैं, जो फर्म के नाम रजिस्ट्रेशन कराकर निर्माण कार्य कराते हैं। टैक्स न देने के लिए फर्म को बंद कर देते हैं। फिर दूसरे नाम से फर्म का रजिस्ट्रेशन कराकर निर्माण कार्य कराते हैं। जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं। कमीशनखोरी के चलते टैक्स चोरी के मामले को जानते हुए भी विभागीय अधिकारी दबाने का काम करते हैं।

200 रुपये से ज्यादा के खरीद पर बिल देना अनिवार्य
ग्राहकों को 200 रुपये से ज्यादा की खरीद करने पर रसीद देना अनिवार्य होता है। आयकर विशेषज्ञों की मानें तो टैक्स चोरी करने के लिए दुकानदार ग्राहकों से पर्चियों में हिसाब-किताब करते हुए पैसे ले लेते हैं। जबकि ग्राहकों को खरीदारी हमेशा पक्का बिल लेकर ही करनी चाहिए।

पक्का बिल ही उनके टैक्स को साबित करता है। टैक्स के अलावा पक्का बिल वारंटी व कोई वस्तु खरीद होती है तो उसके वापस करने या उसका जुर्माना वसूलने के समय भी काम आता है। शहजादपुर निवासी शेखर सिंह ने बताता कि छोटे दुकानदार से लेकर बड़े दुकानदार बिल नहीं देते है। वाणिज्य कमीशन कर विपिन गुप्ता ने कहा की विभाग की तरफ से समय समय पर जांच किया जाता है जब कोई शिकायत आती है तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई किया जाता है।