अंबेडकरनगर में बाप-बेटे में होगी जंग:बसपा सांसद के पिता साइकिल पर हुए सवार, जहां से बेटे को 2017 में बनाया था विधायक; वहीं से ताल ठोंकने की तैयारी

अंबेडकरनगर17 दिन पहले
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यूपी में विधानसभा चुनाव 2022 नजदीक है। जल्द ही चुनाव की घोषणा हो सकती है, लेकिन अंबेडकरनगर में कुछ अलग ही खिचड़ी पक रही है। यहां सांसद बेटा हाथी के लिए वोट मांगते नजर आएगा तो पिता साइकिल की रफ्तार बढ़ाने में लगेगा। जी हां जिले की सियासत में कुछ ऐसा ही हुआ है। बीएसपी सांसद रितेश पांडे के पिता पूर्व सांसद राकेश पांडे ने हाथी छोड़कर साइकिल की सवारी कर ली है, जिसके बाद सियासी समीकरण भी बदलने लगे हैं।

बता दें कि राकेश पांडे वर्ष 2002 में समाजवादी पार्टी के टिकट से जलालपुर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे और बाद में दलबदल करते हुए 2009 लोकसभा में बीएसपी के टिकट से सांसद निर्वाचित हुए। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में राकेश पांडे पराजित हो गए और 2017 का विधानसभा चुनाव जलालपुर से अपने पुत्र रितेश पांडे को लड़ाया। जिसमें रितेश पांडे को जीत मिली। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा गठबंधन से रितेश पांडे सांसद चुने गए। जलालपुर के उपचुनाव में सीट बीएसपी के हाथ से खिसक गई और यहां से समाजवादी पार्टी के सुभाष राय विधायक निर्वाचित हुए।

अखिलेश के साथ बसपा सांसद रितेश पांडेय के पिता राकेश पांडये।
अखिलेश के साथ बसपा सांसद रितेश पांडेय के पिता राकेश पांडये।

अपने चहेते को टिकट न मिलने से नाराज हुए पूर्व सांसद

2022 के चुनाव की सरगर्मी शुरू होते ही अपने चहेते को बीएसपी से टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व सांसद राकेश पांडे ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। चर्चा है कि समाजवादी पार्टी से 2022 का विधानसभा चुनाव जलालपुर सीट से लड़ेंगे। ऐसे भी वर्तमान विधायक सुभाष राय एवं उनके समर्थकों की नाराजगी समाजवादी पार्टी के लिए खतरे का सबब भी बन सकती है। वहीं पूर्व सांसद राकेश पांडे जहां समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार प्रसार करते नजर आएंगे तो वहीं उनके पुत्र बीएसपी सांसद रितेश पांडे हाथी को मजबूत करते दिखेंगे।

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