अंबेडकरनगर…सरकारी विभागों पर करोड़ों का बिजली बिल बकाया:10 हजार बकाया होने पर आम उपभोक्ता के कट जाते हैं कनेक्शन, विभागों पर बरती जा रही मेहरबानी

अंबेडकरनगर6 महीने पहले
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अंबेडकरनगर में सरकारी विभागों पर करोड़ों का बिजली बिल बकाया। - Dainik Bhaskar
अंबेडकरनगर में सरकारी विभागों पर करोड़ों का बिजली बिल बकाया।

अंबेडकरनगर में बिजली विभाग बिल वसूलने में दोहरा मापदंड अपना रहा है। एक तरफ आम उपभोक्ताओं का 10 हजार से ऊपर का बिल बकाया होने पर उनका कनेक्शन काट कर केबल उतार दी जा रही है। उनके नाम की लिस्ट सार्वजनिक स्थानों पर लगवाई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपए बकाया होने के बाद न उनका कनेक्शन काटा जा रहा और न केबल उतरवाई जा रही है। सवाल उठता है कि क्या बिजली विभाग आम उपभोक्ताओं पर कहर और सरकारी विभागों पर रहम की नीति अपना रहा है।

विभागों पर 100 करोड़ से ज्यादा बिल बकाया

जिले में आम उपभोक्ताओं और सरकारी विभागों को जोड़ लिया जाए तो एक अरब रुपए से ज्यादा का बिल बकाया है। जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सरकारी विभागों का बकाया है। सरकार समय-समय पर आम उपभोक्ताओं से बिल वसूलने के लिए अनेक तरह के नियम लाती है और ज्यादा बकाया होने पर उन पर कार्रवाई भी करती है, लेकिन सरकारी विभागों का बिल वसूलने के लिए न विभाग की लाइन कटती है और न ही कभी कार्रवाई की जाती है।

21 विभागों पर है 12 करोड़ बकाया

बिजली विभाग ने सरकारी विभागों में बिजली बिल का जो आंकड़ा बताया है, उसके अनुसार 21 विभागों पर कुल करीब 12 करोड़ रुपए बकाया है। वहीं कुछ विभाग ऐसे हैं, जिनका कभी बिल ही नहीं जमा हुआ और उन पर करोड़ों रुपए बकाया हैं, लेकिन विभाग की तरफ से न उनका कभी कनेक्शन काटा गया और न भी कभी कार्रवाई हुई है।

इन विभागों पर इतने रुपए बिल बकाया

भूमि विकास एवं जल विभाग 71 हजार, कृषि विभाग 54 हजार, ग्राम विकास विभाग 17 लाख 69 हजार, खंड विकास अधिकारी कार्यालय 7.88 लाख, खेल विभाग 9.41 लाख, पशु चिकित्सा विभाग 5.96 लाख, गृह पुलिस 46.03 लाख, एलोपैथिक चिकित्सा 13.70 लाख, सार्वजिनक चिकित्सा 72.88 लाख, जिला निर्वाचन 1.15 लाख, परिवाहन 37 हजार, जिला प्रशासन राजस्व 163.22 लाख, लोक निर्माण अधिष्ठान 88.86 लाख, राजस्व परिषद 1.76 लाख, प्राथमिक शिक्षा 629.86 लाख, माध्यमिक शिक्षा 31.58 लाख, उच्च शिक्षा 1.30 लाख, समाज कल्याण एवं अनुसूचित 1.30 लाख, उधान विभाग 2.26 लाख, सिंचाई 15.35 लाख और कृषि विपरण मंडी 38 हजार रुपए का बकाया है।

इस बाबत अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण रमेश चंद्र ने बताया कि बिजली विभाग की तरफ से इन सरकारी विभागों को बिल भेज दिया जाता है, लेकिन बकाया जमा नहीं हो रहा है।