अंबेडकरनगर में मास्क न सोशल डिस्टेंसिंग:कोरोना के केस बढ़ने के बाद भी गाइडलाइन नहीं हो रही फॉलो, प्रशासन कर रहा अनदेखी

अंबेडकरनगर7 महीने पहले
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बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में न तो कोई मास्क लगा रहा है न ही दो गज की दूरी रख रहा है। - Dainik Bhaskar
बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में न तो कोई मास्क लगा रहा है न ही दो गज की दूरी रख रहा है।

अंबेडकरनगर में कोरोना का कहर जारी है, लेकिन शहर से लेकर गांव तक कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने के लिए न तो जिला प्रशासन गंभीर न नजर आ रहा है और न ही खुद पब्लिक इसका पालन कर रही है।

जिला मुख्यालय के सब्जी मंडी से लेकर ग्रामीण इलाकों के चौक चौराहों तक कहीं गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा है। जिससे आने वाले दिनों में कोरोना की रफ्तार में और भी इजाफा होने की उम्मीद है। सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए गाइड लाइन जारी की थी। इसके तहत मास्क लगाना जरूरी और दो गज की दूरी बनाकर रखना है, लेकिन बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में न तो कोई मास्क लगा रहा है न ही दो गज की दूरी रख रहा है।

बाजारों में बेफिक्र हैं लोग

शहजादपुर सब्जी मंडी में सब्जी बेचने वाला एक भी व्यापारी मास्क का प्रयोग नही करता है। इसके साथ जो लोग सब्जी खरीदने आते है वह भी बिना मास्क के घूमते रहते है। लोग कोरोना के प्रति जिस तरह से लापरवाही कर रहे है,उससे संक्रमण के औऱ फैलने की संभावना बलवती होती जा रही है।

प्रोटोकॉल का खुलेआम उड़ाया जा रहा माखौल

कोरोना महामारी से भले ही देश दुनिया भयभीत है,लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी ज्यादातर लोग कोरोना को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।इस समय जहां कोरोना के नए वैरीअंट ओमीक्रोन का काफी खौफ देखा जा रहा है। वहीं क्षेत्र में लोग इससे बेफिक्र होकर बिना मास्क लगाए हुए कोविड प्रोटोकॉल का खुलेआम मखौल उड़ाते हुए दिख रहे हैं।

आलापुर क्षेत्र में तहसील मुख्यालय से लेकर क्षेत्र की विभिन्न बाजारों में लोग बिना मास्क के दिख रहे हैं। इतना ही नहीं लोग बिना मास्क लगाए बाजारों में चाय की दुकानों पर एक दूसरे से सटकर गपशप करते भी दिख रहे हैं। उन्हें 2 गज दूरी मास्क है जरूरी का नियम कोई फॉलो नहीं कर रहा है। ऐसा तब है जब जिले में भी लगातार कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं।

पिछले साल हुई मौतों से सबक लेने को नहीं तैयार

पिछले साल कोरोनावायरस दौरान हुई मौतों से सबक लेने के लिए जनता तैयार नहीं दिख रही है। बाजार में बिना मास्क और शारीरिक डिस्टेंसिंग के पालन के बिना उमड़ रही भीड़ इस बात का प्रमाण है। उर्दू बाजार,जमालपुर चौराहा, सराय चौक समेत नगर के बाजारों में जहां लोग कोरोनावायरस को लेकर उदासीन रुख अपनाए हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ वायरस के अत्यधिक संक्रामक होने के चलते सरकार के होश उड़े हैं। इन सबके बीच बड़ा सवाल यह कि ऐसी तैयारियों के चलते आखिरकर कोरोना विस्फोट को होने से कैसे रोका जा सकता है।