अंबेडकरनगर में खाद की किल्लत:सरकारी केंद्रों पर नहीं मिल रही, प्राइवेट दुकानों से 275 की यूरिया 325 में खरीदने को मजबूर

अंबेडकरनगर8 महीने पहले
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अंबेडकरनगर में खाद की किल्लत। - Dainik Bhaskar
अंबेडकरनगर में खाद की किल्लत।

अंबेडकरनगर में सरकारी समितियों पर यूरिया खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। किसान सुबह से लेकर शाम तक समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं भी खाद नहीं मिल रही है। सरकारी सोसाइटी पर खाद न मिलने से मजबूर होकर किसानों को प्राइवेट दुकानों पर मंहगी खाद लेना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि गेहूं, सरसो में यही खाद डालने का समय है और इस समय कहीं पर भी सोसाइटी पर खाद नहीं मिल रही है। शहजादपुर क्रय-विक्रय पर यूरिया खाद के लिए आए सुनील ने बताया कि कई जगह गया, लेकिन खाद नहीं मिल रही है। जिससे मजबूर होकर 275 की खाद 325 रुपए में प्राइवेट दुकानों से लेना पड़ रहा है।

टॉप ड्रेसिंग के समय नहीं मिल रही खाद

पहली टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया खाद के किसानों को भटकना पड़ रहा है। यूरिया की कमी से जूझ रहे किसान खुले बाजार से ब्लैक में यूरिया खरीदने के लिए विवश हैं। खेत में उग चुके गेंहू की पहली टॉप ड्रेसिंग फसल की उचित बढ़वार के लिए खाद बेहद जरूरी है। ऐसे में किसान किसी भी तरह से यूरिया की खरीद कर छिड़काव करने को परेशान हैं।

जलालपुर तहसील इलाके के अशरफपुर मझगवां स्थित सहकारी समिति पर यूरिया खरीदने के लिए चक्कर लगा रहे पंथीपुर निवासी किसान कन्हैयालाल ने बताया कि अशरफपुर मझगवां सहकारी समिति पर एक हफ्ते पूर्व एक ट्रक खाद उतरी थी। जिसका तुरंत ही पूरा वितरण हो गया। जबकि लाइन में नंबर लगाए तमाम किसान खाद की उपलब्धता से वंचित रह गए। ऐसे में रोज चक्कर लगाना मजबूरी बन गया है। जबकि खाद की ड्रेसिंग में एक-एक दिन की देरी फसल की बढ़वार में दिक्कत उत्पन्न करेगी।

घुलनशील यूरिया की आधी लीटर की बोतल उपलब्ध

सहकारी समिति रेवई पर डीएपी तो उपलब्ध है, लेकिन यूरिया पहले समाप्त हो चुकी है। इस बाबत समिति सचिव यशवंत यादव ने बताया कि यूरिया तो अनुपलब्ध है, लेकिन पानी मे घुलनशील यूरिया की आधी लीटर की बोतल उपलब्ध है। जो एक बोरी यूरिया खाद के छिड़काव के बराबर ही परिणाम देगी, लेकिन किसानों के मन मे इस नए प्रयोग को लेकर आशंका है।

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