अंबेडकरनगर…बाहुबली अजय सिपाही गिरफ्तार:राजस्थान के बालाजी मंदिर से पुलिस ने किया गिरफ्तार, परिवार के साथ दर्शन करने गया था

अंबेडकरनगर8 महीने पहले
बाहुबली अजय सिपाही गिरफ्तार।

बीजेपी से नजदीकियां और सियासी रसूख की अदावत ने विधानसभा चुनाव 2022 से पहले आखिरकार बाहुबली अजय सिंह सिपाही को जेल तक पहुंचा दिया। अंबेडकरनगर पुलिस ने मंगलवार को माफिया अजय सिपाही को जयपुर के बालाजी मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह अपनी बेटी और पत्नी के साथ बालाजी मंदिर दर्शन करने गया था। तभी पुलिस ने यह कार्रवाई की।

बताया जा रहा है कि अजय सिंह सिपाही कटेहरी विधानसभा में टिकट की दावेदारी पेश कर रहा था। विधानसभा क्षेत्र में वह लाव लश्कर लेकर धूम रहा था। इसी वजह से सत्ता पक्ष के कुछ नेता अजय के पीछे हाथ धोकर पड़े थे।

निषाद पार्टी से टिकट मांगना बड़ा महंगा

बता दें कि सत्ता पक्ष के कुछ बड़े नेताओं से नजदीकियां और निषाद पार्टी से कटेहरी विधानसभा से टिकट मांगने की दावेदारी ने अजय सिपाही को जेल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। माफिया के बाद राजनीति में अजय सिपाही ने अपना प्रभाव कटेहरी विधानसभा में बढ़ाना शुरू किया तो ये बात उनके एक प्रतिद्वंद्वी को नागवार गुजरी। जिसके बाद जिले से लेकर शासन तक जेल भेजो की सियासत शुरू हो गई।

जरायम के बाद राजनीतिक रसूख बनाने में रहा कामयाब

सुल्तानपुर के बहुचर्चित दीवानी के दोहरे हत्याकांड की वारदात के बाद सुर्खियों में आए बाहुबली अजय सिपाही ने सुल्तानपुर के बाद अंबेडकरनगर में राजनीतिक धरातल की तलाश शुरू कर दी। इसमें वह काफी हद तक कामयाब भी हुए। जरायम से रुख मोड़ने के बाद 2015 में पंचायत चुनाव में माफिया अजय सिंह ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। समाजवादी पार्टी से अजय सिपाही कटेहरी से खुद ब्लॉक प्रमुख बना तो बहू शालिनी को भीटी चतुर्थ से जिला पंचायत सदस्य बनाने में कामयाब रहा।

2017 में लड़ा था विधानसभा चुनाव

सरकार बदली तो समीकरण बदले और 2017 के चुनाव में अजय ने निषाद पार्टी से कटेहरी विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा। हालांकि 17 हजार वोट पाकर उसने अपनी ताकत का एहसास कराया। 2021 के पंचायत चुनाव में अजय सिपाही की नजदीकियां बीजेपी से बढ़ी और उसने भीटी चतुर्थ से अपने सहयोगी अमरेंद्र पाल को बीजेपी समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाया। चुनाव में अमरेंद्र ने जीत हासिल की। इसके बाद मौसम वर्मा को अपने प्रभाव के चलते कटेहरी से ब्लॉक प्रमुख बनवा लिया।