अंबेडकरनगर में गन्ना किसान परेशान:चीनी मिल नहीं दे रहा पर्ची, क्रेशर पर गन्ना बेचने को मजबूर

अंबेडकरनगर8 महीने पहले
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अंबेडकरनगर में गन्ना किसान परेशान। - Dainik Bhaskar
अंबेडकरनगर में गन्ना किसान परेशान।

अंबेडकरनगर में चीनी मिल द्वारा पर्ची समय से न दिए जाने से गन्ना किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि उनकी गन्ना की पेड़ी सूखने लगी है और गेहूं की फसल की बुआई में भी लेट हो रही है। गन्ना पेराई की पर्ची न मिलने से परेशान किसान पर्ची पाने की उम्मीद में चीनी मिल से लेकर समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तरफ किसानों की मजबूरी का फायदा क्रेशर संचालक उठा रहे हैं, जो औने-पौने दाम पर किसानों के गन्ने खरीद रहे हैं।

सूख रहा गन्ना, गेंहू बुआई हो रही है लेट

जिले में मिझौड़ा चीनी मिल खुलने के बाद जिले के साथ ही आसपास के किसानों का गन्ना आमदनी का मुख्य साधन हो गया। यहां के किसान बड़े भूभाग पर गन्ने की खेती करते हैं, लेकिन जब मिल चालू हो जाती है तो इनके सामने गन्ना बेचने की बड़ी समस्या होती है। जिसके लिए किसान इधर-उधर भटकते हैं। अकबरपुर समिति पर पर्ची के लिए आए किसान अजीत ने बताया कि उसकी एक बीघा पेड़ी गन्ना खड़ी है, लेकिन अभी तक एक भी पर्ची नही आई है।

पर्ची के लिए कई बार समिति और मिल गए, लेकिन बताया जा रहा है कि अभी नंबर नहीं आया है। उनका कहना है कि 20 दिसंबर बीत गया। छोटे किसान गन्ने की फसल काट कर उसी में गेंहू बोते हैं। ऐसे में अब गन्ना मिल से पर्ची नहीं आई तो मजबूर होकर क्रेसर पर बेचना पड़ेगा। इसी तरह किसान अमित ने बताया कि उसकी एक भी पर्ची नहीं आई है। पर्ची के लिए बार-बार आ रहे हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं मिल रहा। उनका कहना है कि छोटे किसानों को गन्ना बेंचकर गेंहू की फसल बोना रहता है, लेकिन पर्ची न मिलने से मजबूर होकर क्रेसर पर बेचना पड़ेगा।

चीनी मिल लेती 350 रुपए क्विंटल

गन्ना मिल किसानों का गन्ना 350 क्विंटल लेती है, लेकिन गन्ना किसानों को पर्ची समय से न मिलने के कारण उन्हें मजबूर होकर अपने गन्ना को कम दाम पर क्रेसर संचालकों को देना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि अगर वह मिल पर बेचने का इंतजार करेंगे तो गेंहू की फसल में लेट हो जाएगा। जिससे उन्हें मजबूर होकर 200 रुपये क्विंटल बेचना पड़ रहा है।

इस बाबत जिला गन्ना अधिकारी हरिकृष्ण गुप्ता ने बताया कि पर्ची किसानों को कैलेंडर के अनुसार ही दिया जा रहा है। छोटे किसानों के लिए और जिनकी एक भी पर्ची नहीं आई है। जिनका बेसिक कोटा 60 क्विंटल से कम है। ऐसे किसान अपना आधार कार्ड जमा कर दें। उनकी पर्ची तीन से चार दिन में निकाल दी जाएगी।

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