अमेठी में गायत्री प्रजापति के करीबी की बढ़ी मुश्किलें:कूटरचित दस्तावेज बनाने के मामले में पूर्व सपा जिला उपाध्यक्ष पर केस, थाने की मुहर-हस्ताक्षर बनाने का

अमेठी7 दिन पहले
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रेप के मामले में सजायाफ्ता पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के करीबी और सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अमरेंद्र सिंह पिंटू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन पर अमेठी के संग्रामपुर थाने में जालसाजी और सरकारी दस्तावेज बनाने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेठी थाना क्षेत्र के रामगढ़ निवासी अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू ने 23 नवंबर 2021 को उप जिला मजिस्ट्रेट को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि पिंटू ने कूटरचित तरीके से थाने की मुहर, हस्ताक्षर कर लाइसेंस का नवीनीकरण कर लिया और उसे उप जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय में प्रस्तुत कर दिया।

कूटरचित दस्तावेज बनाने का आरोप

दस्तावेज में मौजूद हस्ताक्षर किसी भी तरह मेल नहीं खा रहे थे। संदेह होने पर उप जिला मजिस्ट्रेट ने इसकी जांच पुलिस अधीक्षक को प्रेषित की। जांच में पाया गया कि अमरेंद्र सिंह ने कूटरचित और फर्जी तरीके से दस्तावेज को तैयार किया है। जिस पर उनके विरुद्ध 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

चित्रकूट की महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप

बता दें कि चित्रकूट की महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत के आरोपी पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उसके सहयोगी आशीष शुक्ला व अशोक तिवारी को एमपी-एमएलए कोर्ट ने 13 नवंबर 2020 को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने इसी मामले में आरोपी रहे अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंद्रपाल व रुपेश्वर उर्फ रुपेश को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।

इन सभी के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सभी आरोपी जेल में बंद थे। चित्रकूट की पीड़ित महिला ने 18 फरवरी 2017 को लखनऊ के गौतम पल्ली थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति समेत सभी आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी दुष्कर्म का प्रयास किया।

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