अमेठी में स्ट्राइक पर मंडी कर्मचारी:धान तौल न होने से किसान परेशान, सचिव बोले- स्ट्राइक खत्म होने पर होगी तौल

अमेठी5 महीने पहले
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अमेठी में स्ट्राइक पर मंडी कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
अमेठी में स्ट्राइक पर मंडी कर्मचारी।

अमेठी में एक बार फिर धान तौल को लेकर किसान और अधिकारी आमने-सामने हैं। आज तौल को लेकर गुस्साए किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने हमारा धान तौला जाए और मंडी समित मुर्दाबाद के नारे लगाए। वहीं मंडी सचिव ने कहा कि आज सब स्ट्राइक पर हैं तो जब व्यवस्था नॉर्मल होगी तब सबकी तौल होगी।

बता दें कि जिले में पखवारे भर से धान तौल को लेकर किसान परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं हैं। जायस मंडी पर आए किसान मोहम्मद अयूब ने बताया कि मेरा नंबर 16 दिसंबर को था। प्रतिदिन मुझे आश्वासन देते रहे और प्रतिदिन मैं इनसे कहता रहा। सात-आठ दिन दौड़ाने के बाद मुझसे कहते हैं कि अब टोकन की व्यवस्था है। जिसका जैसे नंबर आएगा, उसकी वैसे तौल की जाएगी। सब किसान परेशान हैं।

खाद्य अधिकारी ने नहीं उठाया फोन

आज हमको बताया जा रहा है कि स्ट्राइक है। हमने अपनी परेशानी बताने के लिए खाद्य अधिकारी को फोन किया तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। वहीं किसान संग्राम सिंह कहते हैं कि पिछले 3 दिनों से मेरी गाड़ी यहां तौल के लिए खड़ी है। मेरा नंबर था, जो कि निरस्त हो गया है। क्योंकि आज स्ट्राइक है तो तौल आज भी नहीं होगी। अब ऐसे में क्या किया जाए कुछ समझ नहीं आ रहा है।

धान लेकर आए तो पता चला कि स्ट्राइक है

किसान राम परमेश्वर कहते हैं कि आज का नंबर है और यहां साहब लोग स्ट्राइक पर हैं। बड़ी समस्या हो गई है। किसान लियाकत बताते हैं कि एक हफ्ता पहले हम ट्रैक्टर-ट्रली लाए तब ऑफलाइन था। अब पता चला कि ऑनलाइन हो गया है। फिर ऑनलाइन कराया तो वो निरस्त हो गया। 20 दिसंबर को ऑनलाइन कराया था, आज 31 तारीख हो गई। आज जब आए तो पता चला कि स्ट्राइक है। बार-बार आना पड़ता है। दो-ढाई हजार रुपए हमारा खर्च हो गया है। मौसम खराब है। अगर धान भीग गया तो साहब लोग बताएंगे कि तुम्हारे धान में नमी है।

मंडी सचिव ने दी जानकारी

इस बाबत जब मंडी सचिव इंद्र पाल सिंह से बात की गई तो वो कहते हैं कि पहले मैनुअल में चल रहा था तो सब किसान अपना नाम लिखाकर धान की तौल कराकर बेच कर जा रहे थे। अब समस्या यह आ गई कि 24 दिसंबर की सुबह से टोकन लग गया फिर दो दिन बाद वो निरस्त हो गया। इससे किसान अव्यवस्थित हो गया। इसलिए किसानों को परेशानी हो गई। किसानों के वैकल्पिक व्यवस्था पर मंडी सचिव ने कहा कि टोकन कंटिन्यू चलेगा। फिर टोकन के आधार पर तौल होती रहेगी और अगर इसको हटा दिया जाता है तो किसानों को आसानी हो जाएगी।

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