अमेठी…70 साल की उम्र में जज्बा बड़ा:पटना साहिब दर्शन को जाने वालों को लंगर बांट रहे मनोहर सिंह, 5 साल से चला रखी है यह परंपरा

अमेठी6 महीने पहले
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नेक काम के लिए उम्र की कैद नहीं बस जज्बा और इरादा होना चाहिए। ऐसे ही नेक इरादों वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग हैं मनोहर सिंह। पिछले 5 सालों से वो पटना साहिब जाने वालों को ट्रेन में मुफ्त लंच पैकेट मुहैया करा रहे हैं। अमेठी रेलवे स्टेशन पर उनका यह काम 52 दिनों तक बदस्तूर जारी रहता है। काबिले गौर यह है कि इस उम्र में वो रसोई भी संभाल लेते हैं।

दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि वो पंजाब के रहने वाले हैं। यह कोई नया काम नहीं है। सिख धर्म में लंगर का बहुत महत्व होता है, जहां गुरु महाराज जी प्रकाश होते हैं तो वहां लंगर वर्ष होता है। यहा जो अमेठी में है पटना साहब महाराज का यह मध्य में पड़ता है। पंजाब से आकर यहां पर लंगर करने का यह उद्देश्य था, जो पंजाब मेल से आने वाले पटना साहब के यात्री हैं, उनके लिए यह लंगर कराना था, क्योंकि रास्ते में लंगर कहीं नहीं था। इसलिए इसको हमने अमेठी में चालू किया था।

लंगर बांटने के लिए रसोई में खाना बनातीं महिलाएं।
लंगर बांटने के लिए रसोई में खाना बनातीं महिलाएं।

52 दिनों तक चलता है कार्यक्रम

पिछले 5 साल पहले 2017 से यह चल रहा है। अब जो यह लंगर चालू किया गया है, यह 52 दिनों तक चलेगा। इसकी शुरुआत 20 दिसंबर से हुई है और 10 फरवरी तक चलेगा। जो यात्री पहले आएंगे, उनको भी मिलेगा और जो पीछे आ रहे हैं, उनको भी मिलेगा। अमेठी के लोगों ने एक संस्था बनाई, जिसे गुरु गोविंद सिंह लंगर समिति नाम दिया गया। जिसमें हम भी शामिल हैं और हमारी समिति गुरमीत सेवा सोसाइटी भी सम्मलित है। इस लंगर में हम यात्रियों को दाल, प्रसाद, बच्चों के लिए दूध, चाय आदि देते हैं।

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