बंदर को पड़ गई ड्रिप की जरूरत, VIDEO:अमेठी में CHC पहुंचा बंदर, ग्लूकोज की बोतल को मुंह से खोला और उठाकर पीने लगा

अमेठी2 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक भरसक प्रयास कर रहे हैं। अक्सर वो राजधानी लखनऊ से लेकर जिलों के अस्पतालों व सीएचसी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था को परख रहे हैं, लेकिन विभाग के लोग हैं जो लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे। अमेठी के जगदीशपुर सीएचसी से सामने आया वीडियो तो यही बता रहा है। यहां एक बंदर ग्लूकोज की बोतल लेकर पीता हुआ पाया गया।

कई मिनट तक चला ड्रामा
अमेठी में स्वास्थ्य व्यवस्था कितनी चुस्त और दुरुस्त है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां मरीजों को ग्लूकोज से लेकर इंजेक्शन, सिरिंज और दवाएं बाहर से लानी पड़ रही हैं तो वहीं सरकारी औषधियों का इस्तेमाल अब जानवर कर रहे हैं।

जगदीशपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बाकायदा एक बंदर पहुंचता है। ग्लूकोज की बोतल लेकर बाहर आता है और इत्मिनान से उसे पीकर खुद को ताकत पहुंचाता है। इस ग्लूकोज से बंदर कितना स्वस्थ्य हुआ, इसे तो शायद ही कोई बता पाए, लेकिन यह तय हो गया है कि स्वास्थ्य विभाग बीमार अवश्य है।

ग्लूकोज की बोतल को मुंह से खोलता बंदर।
ग्लूकोज की बोतल को मुंह से खोलता बंदर।

2 दिन पहले ही आए थे स्वास्थ्य मंत्री
यह हीलाहवाली की हालत जिले में तब है, जब ठीक 2 दिन पहले वाराणसी से औचक निरीक्षण कर डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक जगदीशपुर से होकर ही लखनऊ के लिए गुजरे हैं। जगदीशपुर सीएचसी भी सड़क पर ही है। ऐसे में चेकिंग हो जाती तो शायद इस प्रकार की लापरवाही की पोल 2 दिन पूर्व ही खुल जाती।

बता दें कि अभी पखवारे भर पहले ही मुसाफिरखाना और अमेठी सीएचसी पर यह मामला सामने आया था कि डॉक्टर मरीजों को बाहर से दवाएं लिख रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है, जब जानवर के लिए दवाएं उपलब्ध हैं तो इंसानों के लिए क्यों नहीं।

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