मूंज के प्रोडक्ट अब अमेजान और फ्लिपकार्ट पर बिकेंगे:अमेठी में समूह की महिलाएं बना रही हैं, साप्ताहिक बाजारों में बनवाए जाएंगे विलेज हट

अमेठी5 महीने पहले
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महिलाओं के हाथों से तैयार मूंज के प्रोडक्ट अमेजॉन और फ्लिपकार्ट के जरिए पूरी दुनिया में बिकेंगे। - Dainik Bhaskar
महिलाओं के हाथों से तैयार मूंज के प्रोडक्ट अमेजॉन और फ्लिपकार्ट के जरिए पूरी दुनिया में बिकेंगे।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी में आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है। काबिले गौर बात यह है कि अमेठी की महिलाओं के हाथों से तैयार मूंज के प्रोडक्ट अमेजॉन और फ्लिपकार्ट के जरिए पूरी दुनिया में बिकेंगे। इस कार्य योजना को अमलीजामा पहनाने में अफसरान जुट गए हैं।

जिले में गोमती से सटे तराई क्षेत्र मुसाफिरखाना, बाजार शुकुल, जगदीशपुर में मूंज काफी मात्रा में पाई जाती। हालांकि मूंज का काम करने वाले लोग डलिया व हाथ के पंखों के अतिरिक्त बहुत सारी चीजें नहीं बना पाते हैं। अब सीडीओ डॉ अंकुर लाठर ने ओडीओपी को विकसित करने के लिए नई कार्य योजना तैयार की है। अब इस उत्पाद को एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत लिया गया है।

अमेजॉन और फ्लिपकार्ट की वेबसाइट पर होगा रजिस्ट्रेशन

मुसाफिरखाना व बाजार शुकुल के तराई क्षेत्रों से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ओडीओपी से जोड़ा जाएगा। इन महिलाओं को प्रशिक्षित कराकर विभिन्न प्रकार के मूंज उत्पाद बनवाए जाएंगे। इन उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार भी जिला प्रशासन उपलब्ध करवाएगा। इसके साथ ही इनका रजिस्ट्रेशन अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट पर भी कराया जाएगा।

जिससे इन उत्पादों की बिक्री देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में भी हो सकेगी। योजना के प्रथम चरण में मुसाफिरखाना के दो, बाजार शुकुल के तीन, कटरा महारानी के एक समूह को प्रशिक्षित किया जाएगा। इनसे समूहों की लगभग 90 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उनसे विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनवाए जाएंगे।

मऊ अतवारा निवासी भवानी प्रसाद निषाद बताते हैं कि मूंज उत्पादन का कार्य मेरी दादी-नानी और अम्मा किया करती थीं।
मऊ अतवारा निवासी भवानी प्रसाद निषाद बताते हैं कि मूंज उत्पादन का कार्य मेरी दादी-नानी और अम्मा किया करती थीं।

सीडीओ ने तलब की साप्ताहिक बाजारों की सूची

मूंज उत्पाद की बिक्री के लिए साप्ताहिक बाजारों में अलग से विलेज हॉट बनवाए जाने की भी कार्य योजना है। इसके लिए साप्ताहिक बाजारों की सूची सीडीओ ने तलब की है। साथ ही वहां हाट के लिए उपयुक्त जमीन को लेकर भी एसडीएम को पत्र लिखा गया है। जमीन मिलने पर मनरेगा योजना के तहत विलेज हाट बनवाए जाएंगे। जहां मूंज उत्पादों की ही बिक्री होगी।

सीडीओ डॉ अंकुर लाठर ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद मूंज से कई प्रकार के उत्पाद बनाए जा सकेंगे। इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा और जब बाजार उपलब्ध होगा तो उन्हें उनके हुनर की सही कीमत भी मिल सकेगी।

दादी-नानी और अम्मा बनाती थीं मूंज के प्रोडक्ट

मऊ अतवारा निवासी भवानी प्रसाद निषाद बताते हैं कि मूंज उत्पादन का कार्य मेरी दादी-नानी और अम्मा किया करती थीं। शादी विवाह में इसका प्रचलन ज्यादा था। अब जब स्मृति ईरानी सांसद हुई उनकी प्रेणना से हस्तशिल्प ट्रेनिग मिली। और कॉर्ड मिला कॉर्ड के माध्यम से हम लोग बंगलौर-लखनऊ और दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित मेले में होकर आए हैं। हमारा घर और हजारों महिलाएं अब खुशहाल हैं। अब हमारे मूंज के हजारों प्रोडक्ट 100 और हजारों में बिक्री हो रही है इसके लिए हम सीएम योगी और पीएम मोदी को धन्यवाद देते हैं।