अमेठी में पंचायती राज विभाग का ऑडिटर गिरफ्तार:विजिलेंस लखनऊ ने घूस लेते हुए किया गिरफ्तार; पूछताछ के लिए कोतवाली लेकर गई टीम, विकास कार्यों के ऑडिट के लिए लिया था घूस

अमेठी4 महीने पहले
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ऑडिटर प्रवीण कुमार सिंह ने प्रधान के बेटे से ऑडिट के लिए एक लाख रुपए की मांग की थी। - Dainik Bhaskar
ऑडिटर प्रवीण कुमार सिंह ने प्रधान के बेटे से ऑडिट के लिए एक लाख रुपए की मांग की थी।

अमेठी में पंचायती राज विभाग में भ्रष्टाचार का काकस टूटने का नाम नही ले रहा है। डेढ़ माह पूर्व डीपीआरओ श्रेया मिश्रा का घूस लेते विजिलेंस द्वारा पकड़े जाने का मामला ठंडा भी नही पड़ा था कि अब बुधवार को विजिलेंस टीम ने पंचायती राज विभाग के ऑडिटर प्रवीण कुमार सिंह को घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम ऑडिटर को सरकारी गाड़ी पर बैठाकर गौरीगंज कोतवाली लेकर गई है।

एक लाख रुपए की मांग की थी
लखनऊ की विजिलेंस टीम को शिकायत मिली थी कि पंचायती राज विभाग के ऑडिटर प्रवीण कुमार सिंह ने प्रधान के बेटे से ऑडिट के लिए एक लाख रुपए की मांग की थी, जिसमें 25 हजार रुपए पहले ही प्रवीण सिंह ले चुके थे और रकम की मांग कर रहे थे। इसकी शिकायत विजिलेंस लखनऊ में हुई थी, इस पर विजिलेंस टीम ने समस्त महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई और बुधवार को टीम लखनऊ से अमेठी पहुंच गई। अमेठी के राजस्थान स्वीट्स की दुकान के बाहर पांच हजार रुपए घूस लेते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

डीपीआरओ को भी घूस लेते पकड़ा था
17 जून को तत्कालीन डीपीआरओ अमेठी श्रेया मिश्रा को भी विजिलेंस लखनऊ की टीम ने ऑफिस में रंगे हाथों पकड़ा था। उन पर आरोप लगा था कि जिले के बाजार शुकुल ब्लॉक के एक गांव में तैनात सफाई कर्मी सुशील कुमार का कई महीने का वेतन बकाया था। डीपीआरओ वेतन का भुगतान करने के लिए 30 हजार रुपए की रिश्वत की डिमांड की थी। 17 जून को जब सुशील कुमार श्रेया मिश्रा के कार्यालय गया और रिश्वत दी। इस बीच उसने रिश्वत देते उनका वीडियो बना लिया था। और इसी समय विजिलेंस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा था बाद में शासन ने उन्हें निलंबित भी किया था।

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